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महाराज, महल के दरवाजे खोलो, अपने मित्रों से कुछ तो बोलो - प्रसंगवश

मध्यप्रदेश में त्राहि-त्राहि के हालात बने हुए हैं। ग्वालियर-चंबल अंचल में मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा। वार्ड बॉय महिला मरीज का बलात्कार कर रहे हैं। डॉक्टर राउंड पर नहीं आ रहे। अस्पतालों में जगह नहीं है। इंजेक्शन नहीं है, ऑक्सीजन नहीं है। ऐसे हालात में श्रीमंत महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया, आप कहां हैं। आप तो कहते थे जनता की सेवा सिंधिया परिवार की परंपरा है। उसे निभाने ग्वालियर नहीं आएंगे क्या। 

आप तो कहते थे, जनता की सेवा ही सिंधिया परिवार का धर्म है

ग्वालियर में आज फिर एक हजार से ज्यादा नागरिक पॉजिटिव मिले। कुल संख्या 5000 से ज्यादा हो गई है। सरकारी रिकॉर्ड में और रिकॉर्ड के बाहर मौतों की संख्या भी भयभीत कर रही है। प्रजा डरी हुई है महाराज! आपके पास इतना बड़ा जय विलास पैलेस है। यह महल प्रजा की रक्षा के लिए ही तो बनाया गया है। इसके दरवाजे खोल दीजिए। मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर बन जाएगा। महाराज का महल है, बिजली पानी की समस्या नहीं रहेगी। महल के कर्मचारी स्वच्छता की व्यवस्था कर देंगे। 

ज्योतिरादित्य सिंधिया जी, आपका कोई मित्र नहीं है क्या 

संकट के समय सभी सक्षम लोग अपने अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल के चुनाव में व्यस्त होने के बावजूद कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर के लिए इंजेक्शन और ऑक्सीजन की व्यवस्था की। अपने व्यक्तिगत रिश्तो का उपयोग किया। जबलपुर में सांसद विवेक तन्खा अपने सक्षम उद्योगपति मित्रों की मदद से उनकी इंडस्ट्री में जाने वाली ऑक्सीजन, अस्पतालों में पहुंचा रहे हैं। आप कहां हैं महाराज, आपका कोई मित्र नहीं है क्या जिस से कहकर आप ग्वालियर चंबल अंचल में इंजेक्शन और ऑक्सीजन भेज पाएं। 

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