भोपाल समाचार, 30 जनवरी 2026: जनता को राइट क्वांटिटी में पेट्रोल मिले इसके लिए नापतौल विभाग कितना एक्टिव है, सब जानते हैं। यह डिपार्टमेंट इतना बेईमान हो चुका है कि लोगों ने इनके पास शिकायत करना तक बंद कर दिया है। लेकिन गुरुवार को अचानक नापतौल इंस्पेक्टर एक्टिव हो गए। उन्होंने बाहुबली पेट्रोल पंप पर छापामार कार्रवाई की, लेकिन उनकी RAID फेल हो गई। कोई खास गड़बड़ी नहीं मिली। खिसियाए नापतौल इंस्पेक्टर ने एक मशीन को सील कर दिया मामला दर्ज कर लिया।
नापतौल इंस्पेक्टर नसीमुद्दीन की छापा मार करवाई का विवरण पढ़िए
नापतौल इंस्पेक्टर नसीमुद्दीन ने एक पत्रकार को बताया कि, लालघाटी इलाके में स्थित बाहुबली पेट्रोल पंप पर नापतौल महकमे ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। उनको बहुत लंबे समय से शिकायत मिल रही थी इसलिए छापा मार कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि पंप की एक मशीन 5 लीटर पेट्रोल भरने पर 30 एमएल कम पेट्रोल दे रही थी। यह सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है। जांच के बाद मशीन को तत्काल सील कर दिया गया और विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 24 और 33 के तहत पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। टीम ने जब पंप पर मौजूद अन्य 3 मशीनों की भी जांच की तो वो समय-सीमा में सत्यापित कराई गई थीं लेकिन उन पर वैध नापतौल प्रमाणन नहीं था।
कार्रवाई के बाद पब्लिक गॉसिप
- पेट्रोल पंप पर चार मशीन हैं उनमें से तीन बिल्कुल सही पाई गई।
- एक मशीन में 5 लीटर पेट्रोल भरवाने पर 30ml पेट्रोल कम पाया गया।
- प्रथम दृष्टया यह कार्रवाई, एक ईमानदार पेट्रोल पंप संचालक पर दबाव बनाने की कार्रवाई प्रतीत होती है।
- जो नापतौल इंस्पेक्टर शिकायतकर्ता की उपस्थिति हो जाने पर उसके साथ नहीं जाता, वह अज्ञात शिकायतों के आधार पर पेट्रोल पंप की छानबीन करने चला जाए तो ऐसी कार्रवाई डाउटफुल हो जाती है।
- स्पष्ट है कि पेट्रोल पंप संचालक ने नापतौल प्रमाणन नहीं करवाया था। इसके पीछे की कहानी कुछ भी हो सकती है। बस इसी बात को लेकर प्रेशर क्रिएट किया गया है।
- सोशल प्रेशर क्रिएट करने के लिए और शहर में बदनाम करने के लिए अपने फैलियर को बड़ी कार्रवाई बताया गया है।
6% पेट्रोल चोरी पर चुप रहने वाले इंस्पेक्टर 0.6% की चोरी पर एक्टिव क्यों हुए
लोगों का कहना है कि 5 लीटर में 30 ml की कमी = 0.6% इतना भी गंभीर मामला नहीं है जबकि इसी भोपाल शहर में प्रगति पैट्रोल पंप वाले ने ₹200 ले लिया और क्यों पेट्रोल भी नहीं दिया। जबकि मशीन में 230 रुपए का पेट्रोल दिखाया गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ है।
शहर के दर्जनों पेट्रोल पंप पर पांच प्रतिशत पेट्रोल की चोरी की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं। पब्लिक नापतौल विभाग के पास शिकायत नहीं करती क्योंकि उन्हें मालूम है नापतौल विभाग वाले कार्रवाई नहीं करते। इसलिए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किए जाते हैं।

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