बिजनेस रिपोर्टर, 25 जनवरी 2026: वर्ल्ड कमोडिटीज मार्केट में काफी कुछ बदल गया है और इस साल बहुत कुछ बदलने वाला है। गोल्ड लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का पूर्वानुमान बदल गया है। इस न्यूज़ रिपोर्ट में हम बताएंगे कि 2026 में गोल्ड कितना रिटर्न दे सकता है और वह कौन सी चीज है जो गोल्ड से ज्यादा रिटर्न दे सकती है। इसके अलावा तेल, आयरन और एग्रीकल्चर से कितने रिटर्न की संभावना है। इस पर भी विचार करेंगे:-
The historic surge in gold prices and Goldman Sachs' new target
वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने 2026 के लिए सोने की कीमत का लक्ष्य बढ़ाकर $5,400 प्रति औंस कर दिया है, जो पहले $4,900 था। वर्तमान में सोना लगभग 4,957 पर कारोबार कर रहा है। इसका मतलब हुआ की 2026 में लगभग $400 की वृद्धि होगी। विश्लेषकों का मानना है कि, इन्वेस्टर्स सोनी को केवल शॉर्ट टर्म खतरे की स्थिति में नहीं बल्कि अमेरिका के बढ़ते हुए कर्ज के खिलाफ लॉन्ग टर्म इंश्योरेंस के रूप में देख रहे हैं।
GOLD ETFs में रिकॉर्ड इन्वेस्टमेंट
2025 में वैश्विक गोल्ड ETFs में $89 बिलियन का रिकॉर्ड निवेश देखा गया। उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक 2026 में हर महीने लगभग 60 टन सोना खरीदने का अनुमान लगा रहे हैं। चीन जैसे देश अपनी रणनीतिक सुरक्षित संपत्ति में लगातार सोना जोड़ रहे हैं।GOLD 2026 में कितना रिटर्न देगा और GOLD से ज्यादा रिटर्न किसमें मिलेगा, पढ़िए
— Bhopal Samachar (@BhopalSamachar) January 25, 2026
वर्ल्ड कमोडिटीज मार्केट में काफी कुछ बदल गया है और इस साल बहुत कुछ बदलने वाला है। गोल्ड लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का पूर्वानुमान बदल गया है। इस न्यूज़ रिपोर्ट में हम बताएंगे कि 2026 में गोल्ड… pic.twitter.com/rKWbHQvG21
सोना-चांदी के बाद तांबा भी महंगा होने वाला है
रिपोर्ट के अनुसार, तकनीक की दुनिया में चल रहा AI बूम परोक्ष रूप से धातुओं की मांग को बढ़ा रहा है। एक औसत AI डेटा सेंटर को बिजली और कूलिंग के लिए लगभग 50,000 टन तांबे (Copper) की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, तांबे की आपूर्ति में बाधाएं बनी हुई हैं। इस साल तीन बड़ी खदानों के बंद होने से वैश्विक उत्पादन का लगभग 7% (1.6 मिलियन टन) प्रभावित हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि दशकों की 'विकास-विरोधी' सरकारी नीतियों के कारण निवेश की कमी रही है, जिससे मांग न बढ़ने पर भी घाटा कीमतों को ऊपर ले जा रहा है।
तेल बाजार 2027 तक ओवर-सप्लाइड रह सकता है
सोने के विपरीत, ऊर्जा क्षेत्र के लिए पिछला साल निराशाजनक रहा है। रिवरस्टोन एनर्जी (Riverstone Energy) जैसी कंपनियों के शेयरों में 13.6% की गिरावट आई है और कंपनी ने अपना काम समेटने की घोषणा कर दी है। गुयाना, कनाडा, नॉर्वे और अमेरिका से नए उत्पादन के कारण बाजार में तेल की प्रचुरता (Glut) है। वेनेजुएला और ईरान में राजनीतिक बदलाव या प्रतिबंधों के हटने की संभावना आपूर्ति की गतिशीलता को और बदल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल बाजार 2027 तक 'ओवर-सप्लाइड' रह सकता है।
Red marks in agriculture and livestock markets
जहाँ कीमती धातुएं 'हरे' निशान में चमक रही हैं, वहीं अनाज और पशुधन (Livestock) बाजारों में 'लाल' निशान यानी गिरावट देखी जा रही है। राजनीतिक अनिश्चितता और व्यापारिक उम्मीदों में बदलाव के कारण निवेशक इन जोखिम भरे क्षेत्रों से पूंजी निकालकर सुरक्षित संपत्तियों (जैसे सोना) की ओर रुख कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि कीमती धातुओं में तेजी जारी है, लेकिन विश्लेषकों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। मिडल ईस्ट या ग्रीनलैंड जैसे क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनाव कम होने पर बाजार में अचानक गिरावट आ सकती है। चांदी के लिए भी 100−110 प्रति ट्रॉय औंस का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन प्रवेश के समय (Entry point) पर ध्यान देना अनिवार्य है।
यह जानकारी आपके निवेश निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। अधिक जानकारी के लिए जुड़े रहें। (नोट: यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मार्केट के विभिन्न स्रोतों पर आधारित है और निवेश करने से पहले स्वतंत्र जांच की सलाह दी जाती है)।
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