UNIGE के वैज्ञानिकों ने गुरुत्वाकर्षण की बहन को खोज निकाला, इलेक्ट्रॉनिक की दुनिया क्वांटम हो जाएगी

Updesh Awasthee
जेनेवा, 2 फरवरी, 2026
: हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल, कॉलेज के स्टूडेंट सहित इलेक्ट्रॉनिक्स और डाटा इंजीनियरिंग करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए यह बहुत बड़ी खबर है। यूनिवर्सिटी आफ जेनेवा के वैज्ञानिकों ने गुरुत्वाकर्षण की बहन को खोज निकाला है। गुरुत्वाकर्षण अंतरिक्ष में प्रकाश को मोड़ देता है। खोजी गई उसकी बहन पदार्थ के भीतर इलेक्ट्रॉनों को मोड़ देती है। दुनिया का भविष्य बदलने वाली इस खोज के बारे में विस्तार से पढ़िए ताकि सिर्फ आपके पास यह एक्स्ट्रा नॉलेज हो और यदि आप स्थिति में है तो इसका फायदा उठा सकें। 

Quantum Metric क्या है

यूनिवर्सिटी ऑफ जेनेवा (UNIGE) के शोधकर्ताओं ने इटली के सालेर्नो विश्वविद्यालय और CNR-SPIN संस्थान के साथ मिलकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिस अवधारणा को अब तक केवल कागजों पर एक गणितीय विचार माना जाता था, उसे पहली बार एक क्वांटम सामग्री के भीतर प्रयोग के माध्यम से देखा गया है। इस आंतरिक संरचना को 'क्वांटम मैट्रिक' (Quantum Metric) कहा जाता है। 

रिसर्च का डायरेक्ट बेनिफिट

UNIGE के क्वांटम मैटर फिजिक्स विभाग के निदेशक प्रोफेसर एंड्रिया कैविग्लिया ने बताया कि "क्वांटम मैट्रिक की अवधारणा लगभग 20 साल पुरानी है, लेकिन लंबे समय तक इसे केवल एक सैद्धांतिक निर्माण माना जाता था।" अब इसकी वास्तविक उपस्थिति की पुष्टि ने वैज्ञानिकों के लिए नई संभावनाएं खोल दी हैं। 

How does this hidden geometry work?

जिस तरह आइंस्टीन का गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत बताता है कि भारी वस्तुएं अंतरिक्ष को मोड़ देती हैं जिससे प्रकाश का रास्ता बदल जाता है, ठीक उसी तरह यह क्वांटम मैट्रिक इलेक्ट्रॉनों की गति को प्रभावित करता है। वैज्ञानिकों ने इस प्रभाव को स्ट्रोंटियम टाइटनेट (Strontium Titanate) और लैंथेनम एल्युमिनेट (Lanthanum Aluminate) नामक दो ऑक्साइड सामग्रियों की सीमा (Interface) पर पाया है।

इस शोध के मुख्य लेखक जियाकोमो साला ने बताया कि जब इन सामग्रियों पर तीव्र चुंबकीय क्षेत्र लगाया गया, तो इलेक्ट्रॉनों के प्रक्षेपवक्र (Trajectories) में विकृति देखी गई, जिससे इस छिपी हुई ज्यामिति का पता चला। भविष्य की तकनीक पर प्रभाव यह खोज केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है। इसके परिणाम हमारे दैनिक जीवन की तकनीक को निम्नलिखित तरीकों से प्रभावित कर सकते हैं:
• अल्ट्रा-फास्ट इलेक्ट्रॉनिक्स: यह खोज टेराहर्ट्ज़ (Terahertz) फ्रीक्वेंसी पर चलने वाले भविष्य के इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण में मदद करेगी।
• बेहतर डेटा ट्रांसफर: बिना ऊर्जा बर्बाद किए सूचनाओं को अविश्वसनीय गति से भेजने की तकनीक विकसित की जा सकेगी।
• सुपरकंडक्टिविटी: प्रकाश और पदार्थ के बीच होने वाली अंतःक्रियाओं और सुपरकंडक्टिविटी को समझने के नए रास्ते खुलेंगे।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शोधकर्ताओं ने पाया है कि यह क्वांटम मैट्रिक कोई दुर्लभ अपवाद नहीं, बल्कि कई सामग्रियों की एक मौलिक विशेषता है। यह खोज आने वाले समय में क्वांटम कंप्यूटरों और अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।
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