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MP CORONA: इंदौर 20000 के पार, भोपाल बिगड़ा, ग्वालियर में सुधार, शहडोल सुलग रहा है - UPDATE NEWS

भोपाल।
मध्यप्रदेश में भले ही चुनावी कार्यक्रमों में शामिल 2 कैबिनेट मंत्री महामारी का शिकार हो गए हो परंतु कोरोनावायरस के संक्रमण के लिए आम जनता जिम्मेदार है, क्योंकि सरकार सिर्फ समीक्षा कर रही है। इंदौर ने तो जैसे टॉप पर बने रहने की कसम खा ली है। संक्रमित नागरिकों की संख्या 20,000 से ज्यादा हो गई है। भोपाल के हालात थोड़े स्थिर हुए थे परंतु फिर से बिगड़ने लगे हैं। अलबत्ता ग्वालियर के हालात में जरूर थोड़ा सुधार नजर आ रहा है। संक्रमित जिलों की सूची में ग्वालियर एक पायदान नीचे तीसरे नंबर पर आ गया है। शहडोल सुलग रहा है। कभी भी ज्वालामुखी की तरह फट सकता है। हर रोज 25-30 नागरिकों की मौत को सरकार सामान्य मानने लगी है, पिछले 24 घंटे में 28 लोग मर गए। आज का पॉजिटिविटी रेट 14% से अधिक है परंतु सरकार द्वारा जारी समीक्षा रिपोर्ट में ओवरऑल पॉजिटिविटी रेट की बात की जाती है। भारत देश की रिकवरी रेट 80% से अधिक है लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान संतुष्ट हैं कि मध्य प्रदेश की पॉजिटिविटी रेट 76% के आसपास है। 

MADHYA PRADESH CORONA BULLETIN 22 SEPTEMBER 2020

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन दिनांक 22 सितंबर 2020 (शाम 6:00 बजे तक) के अनुसार पिछले 24 घंटे में:- 
17698 सैंपल की जांच की गई।
159 सैंपल रिजेक्ट हो गए।
15154 सैंपल नेगेटिव पाए गए।
2544 सैंपल पॉजिटिव पाए गए।
28 मरीजों की मौत हो गई।
2012 मरीज डिस्चार्ज किए गए।
मध्यप्रदेश में संक्रमित नागरिकों की कुल संख्या 110711 
मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 2035 
मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से स्वस्थ हुए नागरिकों की संख्या 86030 
22 सितंबर 2020 को संक्रमित नागरिकों की संख्या 22646
22 सितंबर 2020 को मध्यप्रदेश में संक्रमित इलाकों की संख्या (आज की रिपोर्ट में नहीं बताई) 

राजनीतिक कार्यक्रमों को खुली छूट, दुकान पर भीड़ दिखी तो सील 

कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए मध्यप्रदेश में सरकार के दो प्रकार के अभियान चल रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों को पूरी स्वतंत्रता दी गई है कि यदि किसी दुकान पर सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन होता हुआ दिखाई दे तो उसे तत्काल सील कर दिया जाए। मध्य प्रदेश में आज आधा दर्जन से ज्यादा दुकानें सील की गई। उन्हीं कर्मचारियों को शायद यह भी कहा गया है कि यदि राजनीति की दुकान में भीड़ दिखाई दे तो आंख बंद कर लेना। 
मध्य प्रदेश के 2 कैबिनेट मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग और महेंद्र सिंह सिसोदिया संक्रमित हो गए। एक विधायक की मृत्यु हो चुकी है लेकिन राजनीतिक कार्यक्रमों पर कोई पाबंदी नहीं है। हालांकि कुछ जागरूक नागरिकों ने उपचुनाव वाले जिलों के कलेक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए जनहित याचिकाएं तैयार कर ली है।




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