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भाजपा ने मध्यप्रदेश की सत्ता पाने लॉक डाउन टाला, 175% संक्रमण बढ़ा: कमलनाथ | MP NEWS

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने मध्य प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता का लाभ उठाने के लिए पूरे देश में कोरोनावायरस का संक्रमण बढ़ने दिया। दुनिया के दूसरे देशों के साथ ही भारत में भी लॉक डाउन कर दिया जाना चाहिए था परंतु केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन तक इंतजार किया। 23 तारीख को भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और 24 तारीख को देश में लॉक डाउन कर दिया गया।

8 से 23 मार्च तक संक्रमण बढ़ता रहा, सरकार इंतजार करती रही

पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने कहा है कि केन्द्र सरकार और भाजपा को विश्व की सबसे भीषणतम महामारी कोरोना की कितनी चिंता थी इसके लिए 8 मार्च से 24 मार्च तक के घटनक्रम महत्वपूर्ण है। कोरोना से देश को बचाने की चिंता तब हुई जब 20 मार्च को मैंने इस्तीफा, 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में शपथ ली तब जाकर 24 मार्च को देश व्यापी लाॅक डाउन करने की घोषणा हुई। जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के युवा नेता राहुल गांधी ने 12 फरवरी को कोरोना बीमारी की भयावहता और उसको लेकर भारत में की जा रही लापरवाही की ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण था मध्य प्रदेश की सरकार को गिराना न कि कोरोना की रोकथाम करना।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा पर सीधा आरोप लगाया

पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने आज भोपाल में वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई पत्रकार वार्ता में मध्य प्रदेश की एक चुनी हुई सरकार को गिराने ओर अलोकतांत्रिक तरीके से सरकार को बनाने के लिए प्रदेश सहित देश की जनता की जान को खतरे में डाला इसकी सिलसिले बार जानकारी दी। 

40 दिन बाद लॉक डाउन किया, महामारी 175% बढ़ गई

पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने कहा कि सबसे पहले 12 फरवरी को राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को कोरोना की महामारी के बारे में आगाह किया था। केंद्र की भाजपा सरकार ने 40 दिन बाद 24 मार्च को लाॅक डाउन घोषित किया। तब तक यह महामारी भारत में 175 गुना बढ़ चुकी थी। फरवरी में 3 केस थे जो बढ़कर 24 मार्च तक 536 संख्या पर पहुॅच गए। 

श्री नाथ ने सवाल किया कि आखिर मोदी सरकार ने लाॅक डाउन की 24 मार्च तक प्रतीक्षा क्यों की ? उसका एक मात्र कारण था कि वो फरवरी माह से ही मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए काम कर रहे थे। 23 मार्च को मध्य प्रदेश में भाजपा के मुख्यमंत्री ने जब शपथ ली तब 24 मार्च से लाॅक डाउन घोषित किया गया।

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