न्यूयॉर्क, 6 फरवरी 2026: डिजिटल प्रॉपर्टी के बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। बिटकॉइन, जिसे "डिजिटल गोल्ड" कहा जाता है, उसकी कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है। गुरुवार को बिटकॉइन की कीमत $64,000 के स्तर को तोड़ते हुए $62,303.19 तक नीचे गिर गई, जो नवंबर 2024 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है।
बाजार में गिरावट के मुख्य आंकड़े:
• केवल इस सप्ताह बिटकॉइन की वैल्यू में 20% की भारी कमी आई है।
• अक्टूबर 2025 में $126,000 के अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने के बाद, बिटकॉइन अब अपनी आधी वैल्यू खो चुका है।
• अक्टूबर की शुरुआत से अब तक ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट ने लगभग $2 ट्रिलियन (2 लाख करोड़ डॉलर) की वैल्यू गँवा दी है।
अन्य क्रिप्टोकरेंसी का हाल
बाजार में यह बिकवाली (प्रॉफिट बुकिंग) केवल बिटकॉइन तक सीमित नहीं है। ईथर (Ether) इस सप्ताह 23% गिर चुका है, जो नवंबर 2022 के बाद इसका सबसे खराब हफ्ता साबित हो रहा है। वहीं, सोलाना (Solana) 88.42 के स्तर पर आ गया है, जो इसके 2 साल का सबसे निचला स्तर है आंकड़ों के अनुसार इस सप्ताह बाजार में 2 बिलियन से अधिक की ट्रेडिंग पोजीशन लिक्विडेट (जबरन बंद) हो चुकी हैं, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया है।
क्रिप्टोकरंसी मार्केट में गिरावट के पीछे के कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि बिटकॉइन अब "हाइप" या प्रचार के दम पर नहीं, बल्कि शुद्ध नकदी प्रवाह (liquidity) के आधार पर चल रहा है। का मतलब हुआ कि यही बिटकॉइन की असली वैल्यू है।
1. जो बड़े निवेशक पहले बिटकॉइन को सहारा दे रहे थे, वे अब शुद्ध विक्रेता (net sellers) बन गए हैं।
2. अमेरिकी टेक स्टॉक्स (Tech Stocks) में जारी भारी बिकवाली का सीधा असर क्रिप्टो बाजार पर दिख रहा है।
3. जहाँ पिछले एक साल में सोने की कीमतों में 68% का उछाल आया है, वहीं बिटकॉइन 30% नीचे गिरा है, जिससे सुरक्षित निवेश के रूप में इसकी साख पर सवाल उठ रहे हैं।
राजनीतिक और नियामक चुनौतियां:
क्रिप्टो बाजार में आई इस सुनामी ने उन कंपनियों को भी तगड़ा झटका दिया है जिन्होंने बिटकॉइन में भारी निवेश किया था। इस बीच, अमेरिका में नियामक जांच भी तेज हो गई है। अमेरिकी प्रतिनिधि रो खन्ना ने 'वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल' की जांच करने की योजना बनाई है, जिसमें अमीराती शाही परिवार द्वारा $500 मिलियन के निवेश की खबरें हैं। आरोप है कि इस तरह के सौदे अमेरिकी नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
आगे क्या होने वाला है
डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) के विश्लेषकों का कहना है कि पारंपरिक निवेशकों की रुचि अब कम हो रही है और निराशा बढ़ रही है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि बिटकॉइन $60,000 से $65,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखने में विफल रहता है, तो इसमें और भी बड़ी गिरावट आने की संभावना है।
फिलहाल, क्रिप्टो निवेशकों के लिए स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है और बाजार की नजर अब अगले सपोर्ट लेवल पर टिकी है।

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