बिजनेस न्यूज डेस्क, 3 फरवरी 2026: सोना और चांदी आज भी बाजार में चर्चा का केंद्र बने रहे। पहले रिकॉर्ड हाई के लिए चर्चा का बिंदु होते थे और आज लगातार बड़ी गिरावट के लिए चर्चा के केंद्र में है। सराफा मार्केट में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। लोग आज भी जानना चाहते हैं कि गोल्ड और सिल्वर का भविष्य क्या होगा। इस प्रश्न का उत्तर अमेरिका में ही मिल सकता है, तो चलिए अमेरिका चलते हैं:-
अमेरिका के बाजार के ताजा आंकड़े
GOLD पिछले हफ्ते 5500 प्रति औंस के पार निकल गया था लेकिन आज 4500 से नीचे चल रहा है। मार्केट एनालिस्ट के अनुसार बीते शुक्रवार को सोने की कीमत में जो गिरावट आई थी, वह 2013 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। चांदी की हालत भी काफी गंभीर हो गई है। 31% से अधिक की गिरावट ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को भी बाजार में यह गिरावट जारी रही, जहां स्पॉट सिल्वर लगभग $78.86 और स्पॉट गोल्ड $4,662.43 के आसपास कारोबार कर रहे थे। गिरावट के पीछे के मुख्य कारण विशेषज्ञों और सूत्रों के अनुसार, इस "मेटल्स मेल्टडाउन" के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक हैं:
फेडरल रिजर्व के नेतृत्व में बदलाव
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श (Kevin Warsh) को फेडरल रिजर्व के अगले अध्यक्ष के रूप में नामांकित करना इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण (Trigger) माना जा रहा है। वॉर्श को मुद्रास्फीति पर "हॉक" (Hawkish) माना जाता है, जिसका अर्थ है कि वे ब्याज दरों में वैसी आक्रामक कटौती नहीं करेंगे जैसी बाजार को उम्मीद थी।
डॉलर की मजबूती
वॉर्श के नामांकन के बाद अमेरिकी डॉलर में जबरदस्त उछाल आया है। चूंकि सोना और डॉलर आमतौर पर विपरीत दिशा में चलते हैं, इसलिए डॉलर के मजबूत होने से विदेशी खरीदारों के लिए सोना महंगा और कम आकर्षक हो गया है।
मार्जिन कॉल्स और मजबूर बिक्री
कीमतों में गिरावट शुरू होते ही उन निवेशकों के लिए मार्जिन की आवश्यकताएं (Margin requirements) बढ़ गईं, जिन्होंने उधार लेकर निवेश किया था। CME ग्रुप ने सोने के लिए मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% और चांदी के लिए 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया है, जिससे कई निवेशकों को अपनी पोजीशन बेचनी पड़ी।
भू-राजनीतिक तनाव में कमी
ईरान के साथ संभावित सौदे के संकेतों ने वैश्विक अनिश्चितता को थोड़ा कम किया है, जिससे निवेशकों का ध्यान सुरक्षित निवेश (Safe Haven) से हट गया है।
जमीनी हकीकत और आम जनता पर प्रभाव इस बाजार अस्थिरता के बीच, लंदन जैसे शहरों में लोग अपने गहने और चांदी के बर्तन बेचने के लिए दुकानों के बाहर कतारों में देखे जा रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों ने विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि वे हड़बड़ी में कम दाम पर सामान न बेचें और किसी भी बिक्री से पहले सही मूल्यांकन (Valuation) जरूर कराएं।
दिलचस्प बात यह भी है कि गहनों के ट्रेंड में बदलाव आ रहा है; जहां कुछ साल पहले 'व्हाइट मेटल' का चलन था, वहीं अब ग्राहक फिर से भारी 'येलो गोल्ड' की ओर रुख कर रहे हैं।
The path to the future
कीमती धातुओं के भविष्य को लेकर वॉल स्ट्रीट की राय बंटी हुई है:
• जेपी मॉर्गन (JPMorgan) के विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक सुधार (Correction) है और साल के अंत तक सोना $6,300 तक पहुंच सकता है।
• इसके विपरीत, ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स का मानना है कि बाजार में एक "बुलबुला" (Bubble) बन गया था जो अब फूट रहा है, और कीमतें मौजूदा स्तर से काफी नीचे जा सकती हैं।
निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि आने वाले हफ्तों में बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) जारी रह सकता है।

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