वाशिंगटन, डी.सी., 3 फरवरी 2026: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ जी ट्रेड डील की बात की उसके कारण भारत में उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है। कारोबारी का रुझान कैलकुलेशन के बाद शाम तक आएगा लेकिन फिलहाल तो बसंत पंचमी के बाद संगीत सुनाई दे रहा है। आईए देखते हैं कि इसको लेकर अमेरिका में लोग क्या प्रतिक्रिया दे रहे हैं?
अमेरिका में ऐसी किसी घोषणा का बेसब्री से इंतजार था
यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) ने दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को गहरा करने और एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का उत्साहपूर्वक स्वागत किया है। टैरिफ में बड़ी कटौती और राजनीतिक इच्छाशक्ति इस दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहले कदम के रूप में, भारत ने पारस्परिक शुल्क (reciprocal tariff) को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। हालांकि इस समझौते के विस्तृत विवरण अभी लंबित हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आज की घोषणा दोनों देशों के बीच एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में एक मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को प्रदर्शित करती है। यह समझौता टैरिफ, बाजार पहुंच (market access), और गैर-टैरिफ बाधाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों के व्यापारिक मुद्दों को हल करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।
यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम का कहना है कि, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभाव USISPF के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच होने वाला यह बीटीए (BTA) न केवल दोनों देशों के व्यवसायों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं के लिए सार्थक लाभ प्रदान करेगा, बल्कि इससे आपूर्ति श्रृंखला (supply chains) और आर्थिक लचीलापन भी मजबूत होगा।
यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, भविष्य की रणनीति और $500 बिलियन का लक्ष्य दोनों सरकारों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल एक शुरुआत है। आने वाले महीनों में बातचीत के अतिरिक्त चरणों और नए समझौतों की उम्मीद जताई जा रही है। USISPF ने इस सकारात्मक गति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि वे दोनों देशों की सरकारों के साथ मिलकर द्विपक्षीय व्यापार को $500 बिलियन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम ने कहा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए महत्व यह व्यापारिक मजबूती केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, एक मजबूत भारत-अमेरिका निवेश और व्यापार संबंध न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक स्थिर, लचीले और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी केंद्रीय भूमिका निभाता है।
क्या यह समझौता दोनों देशों के उपभोक्ताओं के लिए सामान सस्ता बनाएगा
हाँ, इस समझौते के माध्यम से दोनों देशों के उपभोक्ताओं के लिए सामान सस्ता होने की प्रबल संभावना है। US-India Strategic Partnership Forum (USISPF) के अनुसार, प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) दोनों देशों के उपभोक्ताओं, श्रमिकों और व्यवसायों के लिए 'सार्थक लाभ' (meaningful benefits) प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए लागत कम होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
• भारत ने पहले ही पारस्परिक शुल्क (reciprocal tariff) को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। शुल्कों में इस तरह की कमी सीधे तौर पर आयातित सामानों की कीमत कम करने में मदद करती है।
• यह समझौता न केवल टैरिफ बल्कि बाजार पहुंच (market access) और गैर-टैरिफ बाधाओं जैसे मुद्दों को भी हल करेगा, जिससे व्यापार करना आसान और कम खर्चीला हो जाएगा।
• चूंकि यह समझौता विभिन्न क्षेत्रों (wide range of sectors) में व्यापार संबंधी मुद्दों को संबोधित करेगा, इसलिए इसका लाभ रोजमर्रा की कई वस्तुओं पर दिखने की उम्मीद है।
USISPF ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले महीनों में होने वाली अतिरिक्त वार्ताओं और समझौतों के चरणों से आर्थिक लचीलापन और बढ़ेगा, जिससे भविष्य में उपभोक्ताओं को अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर वैश्विक उत्पाद मिल सकेंगे।
प्रमुख अमेरिकी प्रतिक्रियाएं:
Donald Trump और उनकी टीम ने इसे "friendship and respect" for PM Modi से जोड़ा और तुरंत effective बताया। US Ambassador to India Sergio Gor ने इसे "new era of India-US relations" कहा और दोनों नेताओं की personal chemistry की तारीफ की।
US Business Groups
US Chamber of Commerce ने इसे "progress" towards comprehensive deal बताया और details की समीक्षा की उम्मीद जताई। वे लंबे समय से market-opening deal चाहते थे, इसलिए optimistic लेकिन cautious हैं।
Small Businesses कुछ critics
"We Pay the Tariffs" जैसी coalition ने इसे "600% tax increase on American businesses" कहा (tariff reduction के बावजूद), लेकिन यह minority view लगता है।
Media और Analysts
Reuters, CNBC, Bloomberg, NYT, Washington Post आदि में इसे tension के बाद "stabilizing" या "breakthrough" बताया गया। कुछ ने geopolitical angle पर फोकस किया (China counter, Russia oil shift)। NYT ने इसे "short on details" कहा, लेकिन overall positive tone.
कुल मिलाकर, US में इसे Trump की tariff strategy की सफलता के रूप में बताया जा रहा है, जो India को align करता है US interests (Russia से दूरी, more American buys) के साथ। Markets (Indian ADRs आदि) positive react कर रहे हैं, और यह bilateral ties को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। हालांकि, full details अभी pending हैं, इसलिए reactions evolve हो सकती हैं।

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