Madhya Pradesh के सरकारी शिक्षकों को पीएम मोदी का मार्गदर्शन

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 6 फरवरी 2026
: भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षाओं के लिए एक मार्गदर्शन दिया है। आज परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षकों की एक ऐसी गलती का पता चला, जिसको पकड़ने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और उसके दोनों लाडले संस्थान लोक शिक्षण संचालनालय और राज्य शिक्षा केंद्र कोई काम नहीं करते। प्रधानमंत्री ने नोटिस किया और मध्य प्रदेश की सरकारी शिक्षकों से इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए आग्रह किया। 

मध्य प्रदेश के विद्यार्थी के सवाल में समस्या छुपी हुई थी 

देशभर में शुक्रवार को "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विद्याथिर्यों को संबोधित क‍िया। विद्यार्थियों से संवाद कर परीक्षा से जुड़े तनाव और शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालय, जबलपुर के छात्र श्री आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री से प्रश्न किया कि कई बार वे शिक्षकों की पढ़ाने की गति से तालमेल नहीं बिठा पाते हैं, उसे कैसे मैच करें?  इस पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विद्यार्थियों को समझाते हुए शिक्षकों से भी आग्रह किया कि अपने अध्‍यापन की स्‍पीड विद्यार्थियों के सीखने की गति के अनुरूप रखें। लेसन प्‍लान विद्याथिर्यों के साथ पूर्व से ही साझा करें ताकि विद्यार्थी वह चेप्‍टर पहले से पढें, अध्‍ययन करें जो शिक्षक भविष्‍य में कक्षा में पढाने वाले हैं। 

कमीशन के खेल में डूबे शिक्षा विभाग की गड़बड़ी प्रधानमंत्री ने पकड़ी 

यहां ध्यान देना होगा कि सवाल करने वाला विद्यार्थी, कोई डफर और गधा नहीं है। "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम में सिलेक्शन के बाद प्रधानमंत्री के सामने खड़ा हुआ था। उसने जो सवाल पूछा उसके बड़े गहरे अर्थ हैं और प्रधानमंत्री ने जो जवाब दिया, वह मध्य प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठता है। स्कूल शिक्षा विभाग का सबसे पहले काम शिक्षा के स्तर को ठीक करना है, लेकिन मध्य प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग अच्छे शिक्षकों की पहचान करने और उनको प्रोत्साहित करने की किसी भी योजना पर काम नहीं कर रहा है। यहां केवल स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए जो खरीदी होती है उसकी कमीशन की लड़ाई दिखाई देती है। या फिर दिग्विजय सिंह के शासनकाल में जिनको 12वीं की मार्कशीट पर शिक्षक बना दिया गया था, उनकी ऑनलाइन अटेंडेंस में सारा समय बीत जाता है।
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