भोपाल समाचार, 5 फरवरी 2026: राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख सचिव आलोक सिंह से मुलाकात की। इस दौरान लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण पर विस्तार से चर्चा हुई और मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव कार्यालय को ज्ञापन सौंपा गया।
शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ के मुद्दे
संघ के प्रांत अध्यक्ष शील प्रताप सिंह पुंढीर के नेतृत्व में प्रदेश पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। संगठन ने राज्य सरकार द्वारा शासकीय सेवाओं के पदों के विभेदीकरण के नाम पर कार्यभारित सेवा, स्थाई कर्मी, दैनिक वेतन भोगी तथा विनियमित कर्मियों के अस्थाई पदों को संख्येतर कर समाप्त करने का विरोध किया। इन पदों को संख्याबल के अनुपात में नियमित पद स्वीकृत करने की मांग की गई ताकि कर्मचारी नियमित सेवाओं में आ सकें। साथ ही सेवा में रहते हुए दिवंगत सेवकों के आश्रितों को अनुकंपा आधारित नियुक्ति के रास्ते बंद होने का भी विरोध जताया।
इसके अलावा पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा नवीन सेवकों को परीक्षा अवधि में 70, 80 एवं 90 प्रतिशत वेतन कटौती कर मानदेय दिए जाने से हो रहे आर्थिक शोषण पर चर्चा हुई। उच्च न्यायालय की खंडपीठ जबलपुर द्वारा सरकार के इन आदेशों को खारिज कर काटी गई राशि के भुगतान के आदेश दिए गए हैं, जिनका पालन कर्मचारी हित में कराने की मांग रखी गई।
सरकारी उपेक्षा से नियमितीकरण में विलंब होने के कारण अर्हतादायी सेवा पूरी न होने पर सेवानिवृत्त दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की सेवा को पेंशन प्रयोजन हेतु मान्य करने के लिए उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा पारित आदेशों का शीघ्र पालन कराने तथा शासन स्तर से निर्देश जारी करने की भी मांग की गई।
प्रमुख सचिव ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश जारी कराए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में संगठन प्रमुख श्री शील प्रताप सिंह पुंढीर, रवि शंकर त्रिपाठी, रमेश बाबस्कर, राधेश्याम रघुवंशी, सूर्यकांत मिश्रा, व्यास मुनि चौबे, डॉ. देवी सिंह सनोदिया, सुमित राठौर, जे.एस. धुर्वे, शुभम मेश्राम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। रिपोर्ट: शोएब सिद्दीकी।
— Adhiraj Awasthi (@AdhirajOnline) February 4, 2026

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