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वी डोंट एक्सेप्ट आयुष्मान कार्ड, गार्ड्स- बाहर फेंको इसको: चिरायु अस्पताल के डॉक्टर ने कहा - BHOPAL NEWS

भोपाल
। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में चिरायु अस्पताल का एक डॉक्टर अहंकारी लहजे में कहता सुनाई दे रहा है कि हम आयुष्मान कार्ड स्वीकार नहीं करते, हम सरकार के प्रति जवाबदेह हैं और उसे जवाब दे देंगे। अंत में अपने सुरक्षा गार्डों से कहता है कि सवाल पूछने वाले को बाहर फेंको। 

वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है

कैमरे के सामने आकर डॉक्टर कहता है: according to doctor Goenka, who is the owner of this Hospital. He has decided that ayushman card will not be applicable in covid-19 treatment. From april whenever the order has came. We have all told this to every authority. 
(फिर जोर देकर कहता है) we won't accept ayushman card. वीडियो बंद करो बाहर निकलो, 

(सवाल पूछने वाला युवक विनम्रता पूर्वक कारण जानने की कोशिश करता है, डॉक्टर जवाब देता है) 
I don't care the reason. We are not answerable to you कि रीजन क्या देना है. We are answerable to government. Will give the answer to the government. Close the video and get out. 
युवक फिर से विनम्रतापूर्वक प्रतिप्रश्न करने की कोशिश करता है, बताता है कि सरकार ने आपके अस्पताल को आयुष्मान कार्ड के लिए लिस्ट किया है. 
डॉक्टर चिल्लाकर कहता है: गार्ड्स बाहर फेंको इसको, (गार्ड बलपूर्वक वीडियो बंद करवा देते हैं) 

इस वीडियो में 5 बातें महत्वपूर्ण है:- 

1. डॉक्टर ने कैमरे के सामने आकर खुद बताया है कि डॉक्टर गोयनका जोकि चिरायु अस्पताल के मालिक हैं, उन्होंने कहा है कि आयुष्मान कार्ड स्वीकार नहीं करना है। 
2. डॉक्टर कहता है कि सरकार को क्या जवाब देना है वह हम देख लेंगे। 
3. मरीज का परिजन विनम्रता पूर्वक निवेदन कर रहा है, डॉक्टर बार-बार अभद्रता कर रहा है। 
4. डॉक्टर की लहजे में अहंकार है। 
5. डॉक्टर फेस मास्क हटाकर एक बाहरी व्यक्ति से बात कर रहा है। यह आपदा प्रबंधन अधिनियम का उल्लंघन है। यदि वीडियो बनाने वाला चाहे तो FIR दर्ज की जा सकती है।

इस मामले में चिरायु अस्पताल का पक्ष जानने के लिए Chirayu Medical College & Hospital के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं डीन के कार्यालय में संपर्क करने की कोशिश की गई परंतु दोनों ऑफिसों में शाम 4:00 बजे फोन रिसीव नहीं किया गया। शाम 4:10 बजे रिसेप्शन पर नोट करा दिया गया था। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल की तरफ से कोई बयान नहीं मिला है।


मामला क्या है, पूरी कहानी पढ़िए

डीआईजी बंगला निवासी योगेश बलवानी ने बताया कि उनकी मां रुक्मिणी बलवानी को कोरोना संक्रमित होने पर 19 अप्रैल को चिरायु मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। इसके बाद से अब तक अस्पताल में ढाई लाख रुपए जमा कर दिए। इस बीच 6-7 मई को शिवराज सरकार ने कोविड के मरीजों का मुफ्त इलाज आयुष्मान कार्ड से होने की योजना का एलान किया। साथ ही सूची जारी की। इसमें चिरायु मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का नाम भी शामिल था। इसके बाद पिछले दो सप्ताह से मैं अस्पताल के अकाउंट विभाग और बिलिंग काउंटर के चक्कर लगा रहा हूं कि मेरे पास मां का आयुष्मान कार्ड है। इससे इलाज उपलब्ध करा दीजिए।

अस्पताल में जमा करने के लिए और पैसे नहीं है। इसके बावजूद मुझे कोई जवाब नहीं दिया गया। इस बीच शुक्रवार रात को मैं अस्पताल गया और मैनेजर गौरव बजाज से मिलकर पूछा कि आप आयुष्मान कार्ड क्यों स्वीकार नहीं कर रहे। जबकि सरकार के आदेश है। उन्होंने कहा कि हम नहीं करेंगे। हमने गवर्नमेंट को जवाब दे दिया है। इसके बाद उन्होंने मेरे साथ बदसलूकी और मुझे धक्के देकर बाहर निकाल लिया। मेरी मां का इलाज चल रहा था मैं सिर्फ उनसे निवेदन ही करता रहा।

सीएम, कलेक्टर जिसको शिकायत करनी है कर दो

योगेश ने बताया कि इसके बाद रात को अस्पताल के मालिक डॉ. अजय गोयनका से भी मिले। उन्होंने कहा कि तुम्हें जो करना है कर लो। सीएम, कलेक्टर जिसको शिकायत करनी है कर दो। हम आयुष्मान कार्ड स्वीकार नहीं करेंगे।  

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