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वित्तमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के बारे में बताया, पढ़िए क्या होगा, कैसा होगा / NATIONAL NEWS

नई दिल्ली। जैसा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा था भारत सरकार के वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण एवं वित्त राज्य मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने आज मीडिया के सामने आत्मनिर्भर भारत अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि समाज के कई वर्गों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने के बाद पीएम ने एक व्यापक दृष्टिकोण को आपके सामने रखा। आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभ-अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढाँचा, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड हैं। आत्मानिर्भर भारत का मतलब यह नहीं है कि भारत को एक अलगाववादी देश होना चाहिए। हमारे पास जो गरीबों, जरूरतमंदों, प्रवासियों, दिव्यांगों और देश के वृद्धों के प्रति जो जिम्मेदारी है उसे हम नहीं भूलेंगे। 

आत्मनिर्भर भारत अभियान के दौरान क्या-क्या होगा

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि मध्यम, सूक्ष्म, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग और घरेलू उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इन MSME's को 3लाख करोड़ रुपए का कोलेट्रल फ्री ऑटोमैटिक लोन दिया जाएगा। इसमें आपको किसी भी तरह की गारंटी और कोई कोलेट्रल देने की जरूरत नहीं है। इसकी समय सीमा 4 वर्ष होगी और पहले 1 साल मूलधन नहीं चुकाना होगा। 

आकार और क्षमता को बढ़ाने की सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं तो उसके लिए फंड्स ऑफ फंड्स का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से 50,000 करोड़ रुपए का इक्विटी इन्फ्यूज़न होगा। 

25लाख से लेकर 1करोड़ रुपए की इन्वेस्टमेंट कर जो 5करोड़ तक का व्यापार करेगा माइक्रो यूनिट कहलाएगा। स्मॉल के लिए 10करोड़ तक का निवेश और 50करोड़ तक का कारोबार और मीडियम में 20करोड़ तक का निवेश और 100करोड़ तक के टर्नओवर का प्रावधान किया गया है। 

200 करोड़ से कम वाले में ग्लोबल टेंडर नहीं होंगे। इससे लघु ,सूक्ष्म, मध्यम उद्योगों को लाभ मिलेगा। आत्मनिर्भर भारत की तरफ ये एक और कदम है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज में एक सुविधा दी गई थी कि 12-12% EPF कर्मचारी और नौकरी देने वाले को भारत सरकार देगी ये पहले तीन महीनों के लिए किया गया था जिसे बढ़ाकर अगले तीन महीने जून, जुलाई और अगस्त तक कर दिया गया है। 3,67,000 ऐसी संस्थाओं के 72,22,000 ऐसे कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। इनको कुल मिलाकर 2500 करोड़ का लाभ मिलेगा।

EPF 12-12% से कम कर अगले तीन महीने तक 10 प्रतिशत कर दिया गया है। जो हमारे सरकारी संस्थान, PSU's और PSE's हैं उनमें ये 12% ही रहेगा। इससे कुल मिलाकर 6750 करोड़ का लिक्विडिटी सपोर्ट इनको मिलेगा। इस तरह कर्मचारियों के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा।

NBFC's,हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां या माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूट के पास जो धन का अभाव रहता था उसको दूर करने के लिए 30000 करोड़ रुपए की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम लाई गई है जिससे इनके धन की आपूर्ति होगी, इनको बल मिलेगा और आम नागरिक को भी लाभ होगा।

4500 करोड़ रुपए की आंशिक ऋण गारंटी योजना लाई गई है इसमें भारत सरकार गारंटर होगी और 20% नुकसान का वहन करेगी। इसमें डबल-ए पे पर और इससे नीचे वालों को ऋण मिल पाएगा।

बिजली वितरण कंपनियों की आय में भारी कमी के चलते 90000 करोड़ रुपए का प्रावधान टिस्कोम्स और बिजली वितरण कंपनियों के लिए किया गया है। ये पैसा पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और रुरल इलेक्ट्रीफिकेशन कॉर्पोरेशन के माध्यम से दिया जाएगा।

फाइनेंशियल इयर 2020-21 के लिए नॉन सैलरी पेमेंट में TDS-TCS रेट में 25 प्रतिशत की कटौती की गई है। इससे  लगभग 50 करोड़ का लाभ आम जनता को मिलने वाला है।

इनकम टैक्स रिटर्न की जो तारीख थी वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए उसको 31 जुलाई 2020 और 31 अक्तूबर 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दिया जाएगा। टैक्स ऑडिट को भी 30 सितंबर 2020 से बढ़ाकर 31अक्तूबर 2020 कर दिया जाएगा। 

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