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प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल को बचाने की हर संभव कोशिश शुरू | MP NEWS

भोपाल। CMHO BHOPAL द्वारा जारी किए गए हेल्थ बुलेटिन से स्पष्ट हो गया है कि आंकड़ों में भोपाल के नाम के आगे भले ही 40 पॉजिटिव लिखा हो परंतु यह संक्रमण शहर में नहीं है बल्कि सीमित दायरे में है। 40 में से 20 मरकज निजामुद्दीन से आए तबलीगी जमात के लोग हैं और 13 स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, इनमें से एक स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव डॉ पल्लवी जैन गोविल स्वयं है। 

प्रमुख सचिव डॉ पल्लवी जैन गोविल पर क्या आरोप है

डॉक्टर पल्लवी पर आरोप है कि संक्रमित होने के बावजूद वह लगातार न केवल शासन की बैठकों में शामिल होती रहीं बल्कि अपने विभाग के अधीनस्थ अधिकारियों को बुलाकर बैठक लेतीं भी रहीं। इसी के चलते संक्रमण फैल गया और स्वास्थ्य विभाग के 13 अधिकारी संक्रमित हुए। आंकड़े सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। डॉक्टर पल्लवी जैन को बचाने की हर संभव कोशिश शुरू हो गई है। हालात यह है कि श्रीमती पल्लवी जैन के समर्थन में मध्यप्रदेश शासन ने स्पष्टीकरण जारी कर दिया है, इसमें उनके बेटे के बारे में भी दलीलें दी गईं हैं जबकि इस तरह का स्पष्टीकरण श्रीमती पल्लवी जैन या उनके पति को देना चाहिए था।

शासन का दावा: अमेरिका से लौटे नागरिकों पर कोई एडवाइजरी जारी नहीं हुई

श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, प्रमुख सचिव स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मध्य प्रदेश शासन के पुत्र के विदेश से लौटने के संबंध मे सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से छपी खबरों के बारे में स्थिति इस प्रकार है। उनके पुत्र दिनांक 16/3/2020 को अमेरिका से भारत वापस आये। भारत सरकार द्वारा जारी किये गए दिशा-निर्देशों के अंतर्गत सर्व प्रथम 10/3/2020 को निम्न 12 देशों के बारे में अधिसूचना जारी की गयी थी- चीन, हांगकांग, कोरिया, जापान, इटली, थाईलैंड, सिंगापुर, ईरान, मलेशिया, फ्रांस, स्पेन, जर्मनी। 11/3/2020 को जारी किये गए दिशा निर्देशों में जो लोग इटली, ईरान, कोरिया, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी देशों में 15/2/2020 के बाद गए थे उन सबको होम क्वारंटाइन में रखने की एडवाइजरी जारी हुई थी। दिनांक 16/3/2020 को जो लोग क़तर,ओमान, कुवैत, UAE गए थे उनको होम क्वोरंटीन तथा 18/3/2020 को यूरोपियन यूनियन, टर्की, यू.के के नागरिकों तथा हवाई यात्राओं पर रोक लगाई गयी और 22/3/2020 से सभी अंतराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगाई गयी। भारत सरकार की किसी भी एडवाइजरी में अमेरिका पर कोई रोक नही लगी है। 

शासन का दावा: श्रीमती पल्लवी जैन का बेटा 30 मार्च तक सेल्फ क्वारंटाइन में था

मध्यप्रदेश शासन की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि श्रीमती पल्लवी जैन गोविल के पुत्र का स्वास्थ परीक्षण भारत वापस लौटने पर 16/3/2020 को नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर किया गया और वे 30/3/2020 तक अपने निवास पर सेल्फ क्वारंटाइन में रहे। उनको किसी प्रकार के लक्षण उत्पन्न नहीं हुए और वे पूर्णतः स्वस्थ हैं। यह अनुसंधान का विषय है क्योंकि सूत्रों ने दावा किया है कि वह क्वॉरेंटाइन में नहीं थे। यदि सूत्रों का दावा सही है तो भोपाल की सीसीटीवी कैमरे इसकी गवाही दे सकते हैं। दूसरी बड़ी बात यह है कि जब भारत सरकार ने अमेरिका के बारे में कुछ निर्देश दिए ही नहीं थे तो फिर युवराज को क्वॉरेंटाइन कराने की क्या जरूरत थी। दोनों बातें एक दूसरे के विपरीत हैं एवं संदेह उत्पन्न करतीं हैं। 

नई जानकारी दी: यदि घर वाले पॉजिटिव नहीं है तो मरीज घर पर रह सकता है:

श्रीमती गोविल को 4/4/20 को करोना पॉज़िटिव पाए जाने पर घर में अन्य सदस्यों का परीक्षण कराया गया और किसी में भी करोना संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए। भारत सरकार द्वारा जारी किये गए कोरोना वायरस से संबंधित मार्गदर्शी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है जिन मरीजों में कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की गयी है परंतु अन्य लक्षण परिलक्षित नही हो रहे हैं उनको घर में ही क्वारंटाइन में रहना और स्वास्थ की मॉनिटरिंग उपयुक्त बताया गया है क्योंकि श्रीमती पल्लवी जैन मे लक्षण उपस्थित नही हुए हैं और वे स्वस्थ हैं इसलिए उनको अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया है। 
यह एकदम नई जानकारी है। आज से पहले तक हर उस मरीज को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है जो पॉजिटिव पाया गया। 90% से ज्यादा मरीजों के परिवार में कोई भी दूसरा सदस्य पॉजिटिव नहीं था फिर भी मरीज को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। मरीज और उसके परिवार से शासकीय कर्मचारियों ने कुछ इस तरह का व्यवहार किया जैसे पूरा घर अछूत हो गया है। यहां तक कि प्रेस रिलीज में यह भी बताया कि यदि मरीज ने आइसोलेशन में जाने से मना किया तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। 

फोटो वायरल हुए तो DO NOT VISIT का पर्चा चिपकाया 

दिनांक 4 अप्रैल 2020 को श्रीमती पल्लवी जैन गोविल कोरोनावायरस से पॉजिटिव पाई गई थी। ऐसे व्यक्ति का समाज में किसी भी अन्य व्यक्ति के संपर्क में आना खतरनाक है। शासन के निर्देश है कि ऐसे व्यक्तियों के घरों में तुरंत DO NOT VISIT का पर्चा चिपकाया जाए ताकि आसपास के लोग एवं आने वाले अतिथि सावधान रहें परंतु पल्लवी जैन गोविल के घर के बाहर यह पर्चा नहीं चिपकाए गया था। डॉ जे विजय कुमार के घर भी नहीं चिपकाया था। जब सोशल मीडिया पर इनके घरों के फोटो वायरल हुए तब प्रशासन ने पर्चे चिपका कर खानापूर्ति के लिए फोटो खींच लिए हैं। 

आपातकाल में आज कहां थी श्रीमती पल्लवी जैन गोविल 

मध्यप्रदेश में हेल्थ इमरजेंसी के हालात हैं। संक्रमण के कारण पूरे प्रदेश में तालाबंदी की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए इससे ज्यादा कठिन समय नहीं हो सकता। इनका 1-1 मिनट महत्वपूर्ण है परंतु स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल आज अनुपस्थित थीं। शासन एक तरफ दावा कर रहा है कि वह स्वस्थ हैं उनमें किसी भी तरह के कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं सिर्फ रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और दूसरी तरफ पल्लवी जैन कर्त्तव्य से अनुपस्थित थीं। उन्होंने आज हेल्थ बुलेटिन जारी नहीं किया। शासन ने सूचना दी ' अपरिहार्य' कारणों से डॉक्टर पल्लवी जैन संवाद नहीं कर पाएंगी। इमरजेंसी के समय कोई भी कारण 'अपरिहार्य' नहीं हो सकता। स्वास्थ्य विभाग के 13 अधिकारी संक्रमित हैं। संक्रमण के जिम्मेदार की तलाश और उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वित्त पोषित पत्रकारों से अपने पक्ष समर्थन में कुछ खबरें छपवा लेने का मतलब निर्दोष प्रमाणित होना नहीं होता।

पल्लवी जैन गोविल को इस्तीफा देना चाहिए

भोपाल शहर में रहने वाले स्वास्थ्य विभाग के 13 अधिकारियों का संक्रमित हो जाना अपने आप में बड़ी चिंता की बात है। सिर्फ इसी आधार पर प्रमुख सचिव को इस्तीफा दे देना चाहिए। यदि वह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को और खुद को संक्रमण से नहीं बचा पाए तो आम जनता को क्या बचा पाएंगी। विभाग प्रमुख की विफलता पर उसे बर्खास्त करने का नियम है या नहीं और विफलता की परिभाषा क्या है यह तो अध्ययन का विषय है परंतु नैतिकता की मांग है कि डॉक्टर पल्लवी जैन गोविल को इस्तीफा दे देना चाहिए।

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