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गैस चूल्हा और इमर्शन रॉड पर गर्म किए पानी में क्या अंतर होगा | GK IN HINDI

पानी का हम कई प्रकार से उपयोग करते हैं और उसे कई तरह से गर्म करते हैं। सबसे पहला तरीका होता है गैस चूल्हे पर पानी को गर्म करना (चाय बनाते समय), और दूसरा तरीका बताएं एमरसन रोड से पानी को गर्म करना (नहाने के लिए)। कुछ लोग पानी गर्म करने के लिए इंडक्शन कुकर या किसी दूसरी विधि का उपयोग करते हैं। प्रश्न यह है कि क्या गर्म करने की प्रक्रिया से पानी पर कोई प्रभाव पड़ता है। क्या गैस चूल्हे पर गर्म किया गया पानी, इमर्शन रॉड से गर्म किए गए पानी से अलग होता है। आइए जानते हैं विशेषज्ञ इस बारे में क्या बताते हैं: 

विधुत रोड से पानी गर्म करने पर ज़्यादा लवण प्रक्षेपित होते हैं

चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट (BSc(Chemistry)) मेरठ उत्तर प्रदेश निवासी श्री लोकेश कौशिक बताते हैं कि पानी कैसा भी हो उबालने पर उसके लवण कैल्सीयम मग्निसियम आदि प्रक्षेपित हो जाते हैं आपने देखा होगा तली में सफ़ेद कण बैठे हुए। विधुत रोड से गरम पानी में भी ऐसा ही होता है बल्कि इसमें ज़्यादा लवण प्रक्षेपित होते हैं। धनात्मक और ऋणात्मक लवण विधुत रोड से चिपक जाते है। व जिस पदार्थ की रोड है उसके कण भी पानी में समाहित हो जाते हैं। 

पानी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा बस विद्युत रॉड पर गंदगी नहीं होना चाहिए 

रूंगटा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, भिलाई से ग्रेजुएट श्री सचिन पटेल बताते हैं कि पानी के गरम होने की प्रक्रिया में तो कोई भी अंतर नही होगा क्योंकि दोनों ही स्थिति में natural convection की प्रक्रिया से पानी गर्म होगा। बस फर्क इतना होगा कि immerson rod में रॉड पानी से डायरेक्ट कांटेक्ट में होगा। समय के साथ इस रॉड में सफेद परत चढ़ जाती है जो कि पानी के लवण (कैल्शियम तथा मैग्नेशियम के) होते है। इस रॉड में बाहर की कुछ गंदगी भी जम सकती है जोकि पानी मे डूबने पर पानी कप भी गंदा कर सकती है। इसलिए बस यही ध्यान रखे कि रॉड डूबाने से पहले अच्छी तरह साफ हो। बाकी साफ रॉड का गरम किया पानी पीने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।

डिसीजन क्या हुआ जिसे हमेशा याद रखना है 

डिसीजन यह है कि पानी को एलपीजी गैस से गर्म करो या इमर्शन रॉड से कोई फर्क नहीं पड़ता। बस इतना ध्यान रखने की जरूरत है कि इमर्शन रॉड रोड पर गंदगी नहीं होना चाहिए। यानी कि पानी गर्म करने से पहले इमर्शन रॉड को सैनिटाइज कर लेना चाहिए। मतलब हॉस्टल में इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स जो इमर्शन रॉड से दाल-चावल पका लेते हैं, चाय बना लेते हैं, गलत नहीं करते यार।
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