भोपाल समाचार, 10 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया है। श्री आशुतोष तिवारी को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया है। सब जानते हैं कि श्री आशुतोष तिवारी संगठन के व्यक्ति हैं, लेकिन लोग यह जानना चाहते हैं कि, डॉ नरोत्तम मिश्रा जैसे पावरफुल व्यक्ति का टिकट कैसे कटा। आइए हम बताते हैं:-
Datia Bypoll: Was PM Modi Unhappy with Narottam Mishra? BJP Leader’s Remark Sparks Buzz
दरअसल, डॉ नरोत्तम मिश्रा का टिकट फाइनल था, इसमें कोई डिबेट नहीं थी। दतिया में उपचुनाव के लिए डॉ नरोत्तम मिश्रा ने काफी प्रयास भी किए थे लेकिन अंतिम समय में उनको मैदान से हटा दिया गया। इसके पीछे एक नहीं कई कारण हैं। इसमें सबसे मुख्य कारण यह है कि, दतिया विधानसभा का उपचुनाव, मध्य प्रदेश सरकार के ढाई साल के काम की परीक्षा भी है। यदि यह सेट एक बार फिर भाजपा के हाथ से निकल जाती है तो इसका मतलब सिर्फ इतना नहीं होगा कि नरोत्तम मिश्रा चुनाव हार गए, बल्कि यह भी कहा जाएगा की मोदी और मोहन की जोड़ी चुनाव हार गई। संगठन के लिए यह सबसे अधिक चिंता का विषय था।
Datia Bypoll: ‘Only One Name Was Sent from MP,’ Remark Fuels Narottam Mishra Speculation
दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा की जीत को संभव बनाने के लिए, सरकार और संगठन स्तर पर हर संभव कोशिश की जा रही थी। यह पहली बार हुआ जब 300 से अधिक ऐसे लोगों से परामर्श किया गया, जो ना तो राजनीति में सक्रिय हैं और ना ही राजनीति से किसी भी प्रकार का लाभ प्राप्त करते हैं, लेकिन राजनीति के विषय में अच्छी जानकारी रखते हैं। इनमें ऐसे लोगों की संख्या 150 से अधिक थी जो दतिया के क्षेत्रीय समीकरण को बहुत गहराई से समझते हैं। इनमें से 90% से अधिक लोगों ने नरोत्तम मिश्रा के लिए नेगेटिव ओपिनियन दिए थे। सबके तर्क अलग थे लेकिन निष्कर्ष एक था, यदि दतिया को भाजपा अपने पास रखना चाहती है तो निष्पक्ष छवि का व्यक्ति प्रत्याशी होना चाहिए।
Narottam Mishra Row: Datia Bypoll Remark Triggers Fresh Political Debate
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दतिया में अपने स्तर पर सर्वे किया था। RSS की सर्वे रिपोर्ट में नरोत्तम मिश्रा की स्थिति काफी गंभीर बताई गई थी। यहां तक कहा गया था कि यदि नरोत्तम मिश्रा को टिकट दिया जाता है तो, भारतीय जनता पार्टी का कट्टर वोटर भी मतदान के दिन अनुपस्थित हो जाएगा। दतिया में ऐसे हजारों लोग हैं जो कांग्रेस या आजाद समाज पार्टी को वोट नहीं देंगे लेकिन भाजपा को भी नहीं देंगे। यदि वोट प्रतिशत डाउन हो गया तो भाजपा के लिए मुश्किल बढ़ जाएंगी।
मिश्रा से मोदी नाराज थे, दतिया को मुक्त कराना था
कुल मिलाकर सरकार की खुफिया एजेंसी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और समाज से जुड़े हुए गैर राजनीतिक व्यक्तियों ने तो नरोत्तम मिश्रा के लिए नेगेटिव वोट किया ही था। इसके अलावा बड़ी बात यह भी थी कि, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी डॉ नरोत्तम मिश्रा से नाराज थे। नरोत्तम मिश्रा जब गृहमंत्री थे तब वह बॉलीवुड को लेकर अक्सर विवादित बयान दिया करते थे। एक बार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा भी था, यहां हम इतनी मेहनत करते हैं और कुछ लोग एक बयान देकर हमारी सारी मेहनत खराब कर देते हैं।
दिनांक 17 जनवरी 2023 को बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पीएम मोदी ने कहा था कि, 'एक नेता हैं जो फिल्मों पर बयान देते रहते हैं, उनके बयान टीवी पर चलते रहते हैं। उन्हें लगता है वे नेता बन रहे हैं, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी उन्हें फोन किया, लेकिन वे मानते नहीं हैं।'
बड़ी अजीब बात यह भी है कि, नरोत्तम मिश्रा ने दतिया में चुनाव प्रचार शुरू करने से पहले दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री की अनुमति भी नहीं ली थी। चुनाव हार जाने के बाद भी वह दतिया पर अपना अधिकार समझते थे। इसलिए बहुत जरूरी हो गया था कि दतिया में भारतीय जनता पार्टी को नरोत्तम मिश्रा से मुक्त किया जाए। रिपोर्ट: उपदेश अवस्थी।

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