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BHIND बाजार बंद कराने आई तहसीलदार की टीम ने दुकानों में चोरी की - MP NEWS

भिंड
। कर्फ्यू के समय तहसीलदार का औहदा मजिस्ट्रेट का होता है, उस पर कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है। जान और माल की रक्षा के लिए उसे नियुक्त किया जाता है परंतु यहां तो तहसीलदार की टीम दुकानों में चोरी कर रही है। एक दुकान में चोरी का वीडियो वायरल हुआ है। 

मामला मध्यप्रदेश के भिंड शहर के पुस्तक बाजार का है। यहां डिंपल शिवहरे कोल्ड ड्रिंक और नमकीन, सिगरेट आदि की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल को वह अपनी दुकान में फ्री चालू करने के लिए गए थे कि तभी तहसीलदार प्रमोद गर्ग अपनी टीम के साथ आ गए। दुकानदार डिंपल शिवहरे का कहना है कि जिस समय तहसीलदार प्रमोद गर्ग आए, वह दुकान में नहीं था, शटर डाउन करके चला गया था। दुकानदार का कहना है कि तहसीलदार ने दुकान की शटर उठाई और साथी कर्मचारी के साथ अंदर आए। उनके साथी कर्मचारी ने उनके सामने दुकान में से से पानी की चार से पांच बोतलें व सिगरेट की डिब्बी चोरी की। बाद में जब उन्होंने देखा कि दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है तो तहसीलदार ने बाहर आकर दुकान में ताला लगा कर चले गए।

तहसीलदार 2 दिन से दुकान की चाबी नहीं दे रहे, सबको परेशान करते हैं

व्यापारी का आरोप है कि तहसीलदार गर्ग द्वारा व्यापारियों को बेकार में परेशान किया जा रहा है। दुकानदार शिवहरे का कहना है कि कोई बात नहीं पानी और सिगरेट लेकर गए। अब दो दिन से तहसीलदार द्वारा दुकान में लगाए गए तालों की चाबी नहीं दी जा रही है। वे कभी बंगले पर बुलाते है तो कभी परेड चौराहे पर। इस तरह से वे सभी दुकानदारों को परेशान कर रहे हैं।

CCTV रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद भी कलेक्टर ने कहा जांच होगी 

1. यह मामला दुकान में चोरी का है जो आईपीसी की धारा 380 के तहत दर्ज किया जाना चाहिए। 
2. यह मामला तहसीलदार द्वारा पद के दुरुपयोग का है, सस्पेंड करने के बाद जांच करानी चाहिए। 
3. यह मामला आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम के उल्लंघन का है। 
- क्यों ना यह मान लिया जाए कि तहसीलदार की टीम के कर्मचारियों ने इसी तरह कई और दुकानों में भी चोरी की होगी। ऐसी स्थिति में तहसीलदार एवं उनकी टीम के आरोपी कर्मचारी का पद पर बने रहना जांच को प्रभावित करेगा तुरंत सस्पेंड करके दूसरे जिले में अटैच करना चाहिए।
बावजूद इसके समाचार लिखे जाने तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। कलेक्टर डाॅ सतीश कुमार एस का कहना है कि यह मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच की जाएगी। जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

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