भोपाल समाचार, 26 फरवरी 2026 : मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती वर्ग 2 के उम्मीदवारों ने आज राजधानी भोपाल में ऐसा धमाकेदार प्रदर्शन किया कि, उसकी गूंज विधानसभा के अंदर तक सुनाई दी। लोक शिक्षण संचालनालय के दरवाजे पर जब उम्मीदवारों ने ताली बजाई तो कमिश्नर के केबिन तक खिड़की खड़खड़ाने लगी। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के स्टाफ को डर था कि कहीं उम्मीदवार मंत्री जी के बंगले का घेराव करने ना आ जाएं।
राजधानी में शिक्षक भर्ती वर्ग 2 के उम्मीदवारों के प्रदर्शन का विवरण
सभी उम्मीदवार रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर एकत्रित हुए। यह बड़ी बात थी कि ज्यादातर उम्मीदवार निर्धारित समय पर स्टेशन पर पहुंच गए।
Varg 2 Teacher Recruitment Candidates Stage Massive Protest in Bhopal
जितने उम्मीदवार स्टेशन पर पहुंचे, उससे कई गुना उम्मीदवार रैली में शामिल हुए, क्योंकि वह बस स्टैंड और अन्य माध्यमों से आए थे। रेलवे स्टेशन पर जब उम्मीदवारों ने ग्रुप फोटोग्राफ के बाद वंदे मातरम के नारे लगाए तो सबका ध्यान खींच लिया।
प्रदर्शनकारी एक रैली के रूप में रेलवे स्टेशन से लोक शिक्षण संचालनालय की तरफ आगे बढ़े। इस प्रदर्शन की प्लानिंग में, भाजपा के प्रदेश कार्यालय के सामने नारेबाजी करने की योजना भी थी परंतु भाजपा के नेता, उम्मीदवारों को मनाने में कामयाब रहे और होली से पहले भाजपा का रंग उड़ने से बच गया।
उम्मीदवारों ने लोक शिक्षण संचालनालय के परिसर में पहुंचकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। उनकी तालियां और नारों की गूंज, बहुत स्पष्ट रूप से बता रही थी कि अब वह और अधिक अत्याचार सहन करने की मूड में नहीं है। यदि नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए तो यह स्थिति इससे भी ज्यादा गंभीर हो जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान जबरदस्त समन्वय और संगठन देखने को मिला, जबकि इस प्रदर्शन की पूरी तैयारी ऑनलाइन की गई थी और कोई रिहर्सल नहीं की गई थी। इस प्रदर्शन से पहले कहीं कोई ज्ञापन तक नहीं दिया गया था।
DPI वाले, उम्मीदवारों को बेवकूफ बना रहे हैं
प्रदर्शन के दौरान लोक शिक्षण संचालनालय के प्रतिनिधि, उम्मीदवारों से मिलने के लिए आए। उन्होंने आश्वासन दिया कि आपका नियुक्ति पत्र की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जब उम्मीदवारों ने कहा कि रूल बुक में लिखा हुआ है कि यदि रिजल्ट के 3 महीने के अंदर नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुई तो इसके लिए विभाग का प्रमुख जिम्मेदार होगा। तो DPI के प्रतिनिधि ने जवाब दिया कि रूल बुक के रूल हमारे नहीं मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के हैं।
यहां उल्लेख करना जरूरी है कि, वैकेंसी, योग्यता और नियुक्ति के संबंधी नियम डिपार्टमेंट द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। कर्मचारी चयन मंडल द्वारा केवल रूल बुक जारी की जाती है। यदि रूल बुक का पालन नहीं हो रहा है तो इसके लिए डिपार्टमेंट जिम्मेदार होता है। कर्मचारी चयन मंडल केवल परीक्षा के लिए जिम्मेदार है।
उम्मीदवारों की पीड़ा - टाइम लाइन
सितंबर 2025 – परिणाम घोषित
13 नवंबर 2025– प्रतिनिधिमंडल गया, कोई ठोस निर्णय नहीं
30 जनवरी 2026 – फिर गए, “कोर्ट केस” का हवाला दे दिया गया
16 फरवरी 2026 – DPI का जवाब – 6 महीने से 1 साल और लगेगा
आखिर हम कब तक इंतज़ार करें?
क्या यह भर्ती पंचवर्षीय योजना बना दी गई है?
उम्मीदवारों का स्पष्ट सवाल-
जब नियम पुस्तिका कहती है कि 3 माह में जॉइनिंग होनी चाहिए, तो 6–7 महीने बाद भी नियुक्ति क्यों नहीं?
उम्मीदवारों की चेतावनी
यदि नियुक्ति पत्र जारी नहीं हुई तो अगली बार स्कूल शिक्षा मंत्री के बंगले में आएंगे। अखंड रामायण के पाठ करेंगे, श्रीमद् भागवत सप्ताह का आयोजन करेंगे, इतने घंटे बजाएंगे की बंगले के अंदर कोई सो नहीं पाएगा। यदि वह हमारी नींद चुराएंगे तो हम भी उनको चैन से नहीं सोने देंगे। रिपोर्ट: दिनेश गर्ग, संपादन: उपदेश अवस्थी।

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