भोपाल समाचार, 26 फरवरी 2026 : CAG REPORT के बाद सबका ध्यान स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ चला गया है। यहां बड़े पैमाने पर घोटाले हो रहे हैं। मनमाने आदेश जारी किए जा रहे हैं और यदि कहीं कोई बवाल हो जाए तो आदेश वापस ले लिए जाते हैं। शिक्षकों की भर्ती से लेकर रिटायरमेंट तक हर कदम पर रिश्वतखोरी और हर खरीद में कमीशन खोरी ने स्कूल शिक्षा विभाग को बदनाम कर दिया। आज विधानसभा में स्कूल भवन मेंटेनेंस घोटाला को लेकर काफी हंगामा हुआ। स्कूल शिक्षा मंत्री एक बार फिर बैक फुट पर नजर आए।
कांग्रेस नहीं भाजपा विधायक ने मुद्दा उठाया, DPI की पोल खोल दी
विधानसभा में भाजपा विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश में स्कूल भवनों के रखरखाव में लापरवाही का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कई स्कूल भवन जर्जर स्थिति में हैं और रखरखाव में उदासीनता बरती जा रही है। सरकार द्वारा करोड़ों रुपए जारी किए जाने के बावजूद स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी और लोक शिक्षण आयुक्त स्तर तक मिलीभगत कर अनियमितताएं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रखरखाव के नाम पर राशि का दुरुपयोग हो रहा है और पूरे मामले की जांच कराई जानी चाहिए।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस मामले में FIR हो गई है
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जवाब में कहा कि शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों के रखरखाव, पेयजल और अन्य सुविधाओं के लिए कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि जहां स्कूलों की संख्या अधिक है, वहां 50 लाख रुपए तक का आवंटन किया गया है। राशि का आवंटन मांग के आधार पर किया जाता है। मंत्री ने बताया कि विधायक द्वारा उठाए गए मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। सांदीपनी स्कूल के प्राचार्य सहित अन्य स्कूलों के कुल 17 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
FIR तो मैहर में भी हुई है लेकिन घोटाला पूरे प्रदेश में हुआ है
विधायक चतुर्वेदी ने कहा कि मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र में 22 लोगों के खिलाफ FIR के लिए लिखा गया है, जिससे गड़बड़ी की पुष्टि होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी ठेकेदारों की मिलीभगत से अनियमितताएं हुई हैं और पूरे प्रदेश में मामले की जांच कराई जानी चाहिए।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि हम कार्रवाई कर रहे हैं
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिकायत सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है और किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने स्कूल शिक्षा मंत्री को घेरा
कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि मंत्री ने स्वीकार किया है कि स्कूलों के रखरखाव के लिए प्रथम चरण में जो राशि जारी होती है, वह कलेक्टर के माध्यम से दी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना टेंडर और बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया के, भोपाल में लंबे समय से पदस्थ अधिकारी यह काम कर रहे हैं।
पिछले तीन सालों का रिकॉर्ड बुलाकर जांच करवाइए
उन्होंने कहा कि यह कोई छोटा-मोटा भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश से जुड़ा मामला है। यदि पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड बुलाकर जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा हो सकता है। कई जगह काम नहीं हुआ, लेकिन भुगतान कर दिया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या केवल भोपाल के ही ठेकेदार काम करते हैं और स्थानीय ठेकेदारों को मौका क्यों नहीं दिया जाता।
School Maintenance Scam Triggers Political Storm in MP Assembly
विधायक घनघोरिया ने मांग की कि जांच शुरू करने से पहले ही संबंधित डिप्टी डायरेक्टर, जॉइंट डायरेक्टर और डायरेक्टर को उनके पद से हटाया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने माना, पूरे प्रदेश में घोटाला हो सकता है
इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मैहर की घटना से यह संकेत मिलता है कि अन्य जिलों में भी ऐसी गड़बड़ियां हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
स्कूल शिक्षा मंत्री का आश्वासन, भ्रष्टाचार के आरोपीय अधिकारियों को हटाया जाएगा
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस मामले में व्यवस्था दी कि यदि कोई व्यक्ति या अधिकारी जांच को प्रभावित कर सकता है, तो उसके संबंध में उचित निर्णय लिया जाना चाहिए। इसके बाद मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जो भी व्यक्ति जांच से संबंधित है और आरोप के दायरे में है, उसे वहां से अलग करके ही जांच कराई जाएगी। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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