भोपाल, 21 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा के जुलाई 2026 के मानसून सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और उनके भविष्य को लेकर पूछे गए सवालों पर सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
MP Govt Clarifies samvida karmchari niyamitikaran
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में नियमितीकरण की योजना नहीं विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने स्पष्ट किया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित कर पंचायत विभाग में संविलियन करने की वर्तमान में कोई योजना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 22 जुलाई 2023 को जारी किया गया परिपत्र वर्तमान में इन संविदा कर्मचारियों पर प्रभावी है।
चुनाव में हमने ऐसी कोई घोषणा नहीं की थी: मंत्री प्रहलाद पटेल
इसके अतिरिक्त, सरकार ने इस बात से भी इनकार किया कि उनके चुनावी घोषणा पत्र में इन कर्मचारियों के नियमितीकरण का कोई वर्णन किया गया था। कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए कोई प्रावधान नहीं विभिन्न सरकारी योजनाओं में पिछले 10 से 15 वर्षों से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के भविष्य पर भी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। कौशल विकास और रोजगार विभाग के अनुसार, आउटसोर्स और संविदा के आधार पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियमित करने के लिए शासन स्तर पर कोई प्रावधान नहीं है और न ही वर्तमान में ऐसी कोई योजना विचाराधीन है।
अतिथि विद्वानों को नियमित करने की कोई पॉलिसी नहीं
अतिथि विद्वानों को नियमितीकरण के बजाय आरक्षण का लाभ उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत अतिथि विद्वानों के संबंध में भी सरकार ने स्पष्ट किया है कि उन्हें नियमित करने की कोई नीति फिलहाल नहीं बनाई जा रही है। इसके स्थान पर, अतिथि विद्वानों को मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में 25 प्रतिशत आरक्षण और आयु सीमा में अधिकतम 10 वर्ष की छूट का प्रावधान किया गया है।
कृषि विभाग के संविदा कर्मियों के वेतन में सुधार की प्रक्रिया किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अंतर्गत 'आत्मा' परियोजना और अन्य लैब तकनीशियनों के वेतन विसंगतियों पर सरकार ने कुछ राहत के संकेत दिए हैं।
विभाग ने बताया कि 22 जुलाई 2023 के आदेश के अनुसार संविदा कर्मचारियों को एनपीएस (NPS) और महंगाई भत्ते का लाभ देने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
इसके साथ ही लैब तकनीशियनों के ग्रेड-पे में सुधार की मांग पर भी विचार किया जा रहा है, हालांकि इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है।
कुल मिलाकर, मानसून सत्र के दौरान सरकार के उत्तरों से यह स्पष्ट होता है कि वह वर्तमान में संविदा कर्मचारियों के लिए जुलाई 2023 की पुरानी नीति पर ही कायम है और सीधे नियमितीकरण या संविलियन की दिशा में कोई नया कदम उठाने के पक्ष में नहीं दिख रही है।

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