भोपाल समाचार, 5 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के सबसे पावरफुल वरिष्ठ नेता श्री दिग्विजय सिंह शिक्षक भर्ती वर्ग 2 एवं 3 की अभ्यर्थियों द्वारा किए जा रहे पदवृद्धि आंदोलन में शामिल होने पहुंचे। नैतिकता के आधार पर यह सूर्योदय से शुरू होना चाहिए था, अभ्यर्थी भी सुबह से इंतजार कर रहे थे और दोपहर 12:00 बजे के आसपास उनके सब्र टूटने लगा था, लेकिन श्री दिग्विजय सिंह ब्रेकफास्ट के बाद लंच टाइम में दोपहर 1:00 बजे पहुंचे। श्री सिंह के ऐलान के अनुसार को 24 घंटे के लिए उपवास पर हैं। समाचार को सनसनीखेज बनाने के लिए इस उपवास को "दिग्विजय सिंह की भूख हड़ताल" कहा जाएगा।
During lunch, DJ joined the demonstration for increasing teacher recruitment positions, kicking off a 24-hour fast
पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने ऐलान किया था कि, यदि 4 सितंबर तक मध्य प्रदेश सरकार ने अभ्यर्थियों की मांग नहीं मानी तो 5 सितंबर शिक्षक दिवस के दिन, वह स्वयं अभ्यर्थियों के साथ भूख हड़ताल पर बैठेंगे। 5 सितंबर की तारीख रात 12:00 बजे से शुरू हो गई थी। इस प्रकार के पॉलिटिकल उपवास सामान्य तौर पर सूर्योदय के साथ शुरू किए जाते हैं ताकि जनता के सामने यह प्रमाणित किया जा सके कि हम नाश्ता करके नहीं आए हैं। श्री दिग्विजय सिंह दोपहर 1:00 बजे के आसपास कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। मतलब ब्रेकफास्ट का टाइम निकल चुका था और श्री दिग्विजय सिंह के बारे में कहा जाता है कि वह ब्रेकफास्ट में ही लंच कर लेते हैं, मतलब दिन में भोजन नहीं करते।
प्रदर्शनकारियों को दिग्विजय से विजय की उम्मीद
भोपाल के नीलम पार्क में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की परीक्षा हो चुकी है और रिजल्ट भी आ चुका है। अभ्यर्थी यह मांग कर रहे हैं कि, रिक्त पदों की संख्या में वृद्धि की जाए। हालांकि मध्य प्रदेश में रिक्त पदों के विरुद्ध भर्ती करने के लिए GAD का अपना एक फार्मूला है। जिसके अनुसार सभी रिक्त पदों पर एक साथ भर्ती नहीं की जा सकती। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि यदि एक साथ भर्ती की गई तो एक साथ रिटायरमेंट होगा। मतलब एक तरफ कर्मचारियों की भर्ती करना सरकार के लिए सर दर्द होगा तो दूसरी तरफ उनका रिटायरमेंट बड़ा सिर दर्द बन जाएगा। वैसे रिजल्ट के बाद रिक्त पदों में वृद्धि का विशेष अधिकार सरकार के पास होता है लेकिन ऐसा विषम परिस्थितियों में किया जा सकता है। पिछली बार शिक्षकों के थोकबंद रिटायरमेंट के कारण रिक्त पदों में वृद्धि की गई थी। इस बार ऐसी स्थिति नहीं। लेकिन प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को दिग्विजय सिंह से पूरी उम्मीद है कि वह, जरूर कुछ ऐसा करेंगे जिससे सरकार उनकी मांग मानने के लिए मजबूर हो जाएगी।

