भोपाल, 22 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा में आज स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों की ई-अटेंडेंस को लेकर सवाल पूछा गया, लेकिन जवाब देने के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह सदन में उपस्थित नहीं थे। उनके स्थान पर खेल मंत्री श्री विश्वास सारंग ने प्रश्नों का उत्तर दिया। आश्चर्य की बात यह है कि विपक्ष के विधायकों ने इस मामले में ना तो ज्यादा सवाल उठाए और ना ही व्यवस्था में किसी संशोधन की मांग की।
विधायक महोदय ने पहला सवाल गलत पूछ लिया
विधायक सुनील उईके ने सवाल उठाया था। उनको जी शिक्षक ने इसके बारे में जानकारी दी थी, वह निश्चित रूप से तकनीकी जानकारी नहीं रखता था और विधायक ने भी विधानसभा में प्रश्न लगाने से पहले किसी तकनीकी विशेषज्ञ से परामर्श नहीं लिया था। इसलिए उन्होंने पूछ लिया कि - क्या ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के लिए किसी निजी कंपनी या एजेंसी को टेंडर दिया गया है। इसके उत्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि ई-अटेंडेंस प्रणाली के लिए अलग से कोई टेंडर जारी नहीं किया गया है और न ही किसी निजी एजेंसी का चयन हुआ है। यह प्रणाली 'एजुकेशन पोर्टल 3.0' का ही एक मॉड्यूल है, जिसका कार्य भारत सरकार के उपक्रम नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर सर्विसेज इंकॉपोरेटेड (NICSI) द्वारा किया जा रहा है। (दरअसल यह जानकारी एजुकेशन पोर्टल पर पहले से उपलब्ध है।)
यदि डाटा लीक हुआ तो हम नहीं होंगे जिम्मेदार: स्कूल शिक्षा विभाग
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने मीडिया के सामने एक बयान दिया था कि हमारा सिस्टम ऐसा है, हमको पता होता है कि शिक्षक कहां पर है और क्या कर रहा है। जब इससे संबंधित प्रश्न विधानसभा में पूछा गया तो, लिखित उत्तर में बताया गया कि, शिक्षकों या कर्मचारियों का कोई भी पृथक डेटा इस मॉड्यूल के लिए एकत्रित नहीं किया गया है। डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए अनुबंध में कड़े प्रावधान किए गए हैं। तकनीकी एजेंसी (NICSI) के माध्यम से बताया गया है कि डेटा पूरी तरह सुरक्षित है और एप्लीकेशन का सिक्योरिटी ऑडिट भी कराया गया है। डेटा लीक या दुरुपयोग की स्थिति में संबंधित एजेंसी (NICSI) को ही जवाबदेह बनाया गया है।
(दरअसल इस मामले में शिक्षकों का सवाल यह था कि, उपस्थित जैसी प्रणाली में 24 घंटे सर्विलांस गैरकानूनी है। यह कर्मचारी की जासूसी करने जैसा है। ऐसा डाटा इकट्ठा करना ही क्यों जिसे चोरी हो जाने का खतरा हो। लेकिन विपक्ष ने गलत सवाल पूछ लिया।)
ई-अटेंडेंस का शिक्षकों में विरोध नहीं किया: मंत्री विश्वास सारंग
जब विधानसभा में डिबेट की बारी आई तो स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह अनुपस्थित थे। ऐसा नहीं है कि वह गंभीर रूप से बीमार है या फिर सरकार की तरफ से किसी दूसरी इमरजेंसी सेवा में है, 21 जुलाई की शाम को उन्हें दतिया में देखा गया था, लेकिन शायद वह इस सवाल का सामना नहीं करना चाहते थे। उनकी अनुपस्थिति में खेल मंत्री श्री विश्वास सारंग, बड़े मजे से खेल गए। उन्होंने बताया कि शिक्षकों ने इस प्रणाली का विरोध नहीं किया है, बल्कि प्रदेश में 95.9 प्रतिशत नियमित शिक्षक और लगभग 95 प्रतिशत अतिथि शिक्षक नियमित रूप से ई-अटेंडेंस लगा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था से शिक्षकों की समयबद्धता सुनिश्चित हुई है और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आया है।
जहां नेटवर्क नहीं मिलता वहां पुरानी प्रणाली चलेगी
नेटवर्क विहीन क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था चर्चा के दौरान विधायक सुनील उईके ने उन क्षेत्रों की समस्या उठाई जहाँ इंटरनेट नेटवर्क की सुविधा नहीं है। इसके जवाब में मंत्री विश्वास सारंग ने स्पष्ट किया कि जहाँ नेटवर्क की समस्या है, वहां 'फिजिकल अटेंडेंस' (उपस्थिति पंजी) की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। वर्तमान में जो 4-5 प्रतिशत का अंतर आ रहा है, वह मुख्य रूप से इन्हीं नेटवर्क बाधित क्षेत्रों के कारण है।

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