भोपाल, 22 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग, लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा दिनांक 17 जुलाई 2026 को माध्यमिक विशेष शिक्षक (वर्ग-2) भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है। विज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के आदेश का हवाला दिया गया है किंतु यह भर्ती कई महत्वपूर्ण कानूनी एवं प्रशासनिक प्रश्न खड़े करती है।
नई शिक्षक भर्ती की अधिसूचना और नियम पुस्तिका कहां है?
किसी भी शासकीय पद पर नियमित भर्ती संबंधित नियम पुस्तिका (रूल बुक) एवं अधिसूचित सेवा नियमों के अनुसार की जाती है। वर्तमान में माध्यमिक विशेष शिक्षक (वर्ग-2) के लिए कोई विधिवत नियम पुस्तिका (रूल बुक) उपलब्ध नहीं है। पूर्व में जो नियम पुस्तिका जारी की गई थी, उसमें माध्यमिक विशेष शिक्षक (वर्ग-2) के पदों का कहीं भी उल्लेख नहीं है। न ही किसी बिंदु अथवा कंडिका में यह प्रावधान किया गया है कि इस पद की भर्ती पूर्व माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा के आधार पर की जाएगी।
ऐसी स्थिति में पूर्व चयन परीक्षा के आधार पर माध्यमिक विशेष शिक्षक (वर्ग-2) की भर्ती करना न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता। यदि विभाग इस प्रकार पूर्व में आयोजित चयन परीक्षाओं के आधार पर नई-नई भर्तियां करेगा, तो यह भविष्य में भी विवाद का कारण बन सकता है।
क्या DPI वाले इस मामले को भी न्यायिक विवादों में उलझाना चाहता है?
किसी भी नियमित भर्ती के साथ संबंधित नियम पुस्तिका एवं अधिसूचना का होना आवश्यक है। इनके अभाव में भर्ती प्रक्रिया न्यायालय में चुनौती का विषय बन सकती है। ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि क्या शासन भर्ती प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से न्यायिक विवादों में उलझाना चाहता है?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दुरुपयोग?
आज तक माध्यमिक विशेष शिक्षक (वर्ग-2) भर्ती के लिए पृथक नियम पुस्तिका जारी नहीं की गई है। इससे स्पष्ट है कि यह भर्ती भविष्य में कानूनी विवादों में फंस सकती है। ऐसा प्रतीत होता है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की आड़ लेकर विभाग नियमों के अनुरूप आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण किए बिना भर्ती प्रारंभ कर रहा है।
CRR वालों की वैकेंसी नहीं थी तो आवेदन क्यों करते?
इसके अतिरिक्त, चयन परीक्षा के समय जारी नियम पुस्तिका में भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI), नई दिल्ली के CRR पंजीकरण तथा विशेष शिक्षक की आवश्यक योग्यताओं का भी स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था। इस कारण अनेक पात्र डिग्री एवं डिप्लोमा धारक अभ्यर्थियों ने उस समय आवेदन नहीं किया, क्योंकि उन्हें कहीं भी यह जानकारी नहीं मिली कि उक्त चयन परीक्षा भविष्य में माध्यमिक विशेष शिक्षक (वर्ग-2) भर्ती के लिए भी उपयोग की जाएगी।
इन तथ्यों से स्पष्ट होता है कि बिना नियम पुस्तिका, बिना अधिसूचना तथा केवल एक विज्ञापन के आधार पर भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
इसका सबसे बड़ा नुकसान उन योग्य एवं पात्र अभ्यर्थियों को होगा, जिन्हें यदि समय रहते स्पष्ट जानकारी दी जाती, तो वे चयन परीक्षा में सम्मिलित होकर दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देने का अवसर प्राप्त कर सकते थे। किंतु सूचना के अभाव में वे इस अवसर से वंचित रह गए।

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