भोपाल, 22 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 22 जुलाई 2026 को प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों के मानदेय, नियमितीकरण और तकनीकी समस्याओं के कारण रुके हुए भुगतान का मुद्दा सदन में गूँजा। विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान (नागदा-खाचरोद) द्वारा पूछे गए प्रश्न क्रमांक 1077 के उत्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री ने विभाग की स्थिति स्पष्ट की है।
अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि नहीं करेंगे: स्कूल शिक्षा मंत्री
विधायक तेजबहादुर सिंह चौहान ने सवाल उठाया कि वर्ष 2023 के बाद से अतिथि शिक्षकों के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि महंगाई निरंतर बढ़ रही है। इसके जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि "वर्तमान में मानदेय में वृद्धि का ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।"
जुलाई-अगस्त के रुके वेतन का होगा भुगतान
विधायक चौहान ने सत्र 2025-26 के शुरुआती महीनों (जुलाई-अगस्त) में लागू की गई ऑनलाइन उपस्थिति (e-Attendance) प्रणाली में तकनीकी खामियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि पोर्टल न चलने के कारण कई अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी, जिससे उनका 20-25 दिनों का मानदेय अब तक लंबित है।
इसके जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय ने 17 अक्टूबर 2025 को ही निर्देश (क्रमांक 388) जारी कर दिए थे। इन निर्देशों के तहत, जिन अतिथि शिक्षकों की ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो सकी थी, उनके लिए शाला प्रभारी द्वारा 'उपस्थिति पंजी' (Manual Register) के आधार पर जानकारी ऑनलाइन अपडेट कर मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया था।
नियमितीकरण नहीं, लेकिन 50% पदों पर आरक्षण
अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर अन्य विधायकों ने भी सरकार को घेरा: विधायक इंजीनियर हरबाबू राय (अशोकनगर) ने प्रश्न (क्र. 71) के माध्यम से अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की नीति पर जानकारी माँगी। सरकार ने जवाब दिया कि सीधे नियमितीकरण का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, भर्ती नियमों (2018) में 27 दिसंबर 2024 को किए गए संशोधन के अनुसार, सीधी भर्ती के 50 प्रतिशत पद उन अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित रहेंगे जिन्होंने न्यूनतम 3 शैक्षणिक सत्रों में 200 दिन कार्य किया हो। इसके साथ ही, उन्हें MPPSC की परीक्षाओं में अधिकतम 10 वर्ष की आयु सीमा में छूट भी दी जा रही है।
इंजीनियर हरबाबू राय के ही एक अन्य सवाल पर सरकार ने स्पष्ट किया कि अतिथि शिक्षक व्यवस्था एक अस्थायी व्यवस्था है, इसलिए ग्रीष्मकालीन या शीतकालीन अवकाश अवधि में उन्हें मानदेय देने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
सदन में अन्य महत्वपूर्ण विवरण
ऑनलाइन उपस्थिति का प्रतिशत: चर्चा के दौरान मंत्री श्री विश्वास सारंग ने सदन को बताया कि प्रदेश में लगभग 95 प्रतिशत अतिथि शिक्षक नियमित रूप से ई-अटेंडेंस पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं। जहाँ नेटवर्क की समस्या है, वहां फिजिकल रजिस्टर के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की छूट दी गई है।
अतिथि शिक्षकों को संविदा श्रेणी में अपग्रेड करने की माँग खारिज
विधायक श्री नीलेश पुसाराम उईके (पांढुर्णा) ने श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में पदस्थ अतिथि शिक्षकों को संविदा श्रेणी में अपग्रेड करने की माँग की थी, जिसे सरकार ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने (हरदा) और श्री मोंटू सोलांकी (सेंधवा) के प्रश्नों के उत्तर में सरकार ने बताया कि शिक्षक विहीन या एकल शिक्षकीय शालाओं में शिक्षण कार्य सुचारू रखने के लिए प्राथमिकता के आधार पर अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की गई है।
निष्कर्ष: विधानसभा सत्र के दौरान आए इन जवाबों से यह स्पष्ट है कि सरकार अतिथि शिक्षकों को सीधे नियमितीकरण या मानदेय वृद्धि जैसी तत्काल राहत देने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, तकनीकी खामियों के कारण रुके हुए पुराने वेतन भुगतान के लिए विभाग ने वैकल्पिक मार्ग (फिजिकल रजिस्टर) को मान्यता दे दी है और भविष्य की नियमित भर्तियों में उनके लिए आरक्षण का रास्ता खुला रखा है।

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