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एक पेड़ जो जमीन पर नहीं पेड़ पर उगता है, धार्मिक महत्व भी है - GK IN HINDI

पौधे और वृक्ष तो सभी ने देखे हैं। हर पौधा जमीन पर लगता है और आसमान की तरह वृद्धि करता है परंतु एक पौधा ऐसा है जो जमीन पर नहीं बल्कि पेड़ पर लगता है। भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में इसे अलग अलग नाम से जाना जाता है। विज्ञान में इसे परोपजीवी (दूसरे के सहारे जीवित रहनेवाला) वनस्पति कहा जाता है। यह किसी भी पेड़ पर देखने को मिल सकता है। भारत के धार्मिक ग्रंथों में आम, पीपल, महुआ, जामुन और बेर आदि के पेड़ों पर इस तरह के पौधे निकल आते हैं। इन्हें बांदा, वांदा अथवा बंदाल नाम से जाना जाता है। 


अधिपादप या Epiphytes

इन्हे परजीवी या परोपजीवी पादप कहना अधिक उचित है क्योंकि यह दूसरे पेड़ पर उगते हैं। 
एपी (Epi)  का अर्थ है- ऊपर
तथा फाइट (Phyte)  का अर्थ है - पेड़ या पौधा
इसी कारण इन्हें एपिफाइट कहा जाता है , यानी पेड़ के ऊपर पेड़।
यह पूर्ण रूप से परजीवी नहीं होते बल्कि Hemiparasite या पार्शियल पैरासाइट होते हैं क्योंकि यह अपना खाना प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा स्वयं ही बनाते हैं। यह सिर्फ यांत्रिक सहारे के लिए दूसरे पेड़ पर निर्भर होते हैं। वैज्ञानिक रूप से इन्हें डेंड्रोफथोई फेल्कटा (Dandrophthoe falcuta) कहा जाता है। यह फैमिली लॉरेंथेससी के सदस्य हैं। इन्हें सामान्य रूप से मिलसिटो ( Milsitoe) भी कहा जाता है।

बांदा का धार्मिक और तांत्रिक महत्व

भरणी नक्षत्र में कुश का वांदा (कुश के साथ लगा हुआ बांदा) लाकर पूजा के स्थान पर रखने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। 
पुष्प नक्षत्र में इमली का वांदा लाकर दाहिने हाथ में बांधने से कंपन के रोग में आराम मिलेगा। 
मघा नक्षत्र में हरसिंगार का वांदा लाकर घर में रखने से समृद्धि एवं संपन्नता में वृद्धि होती है। 
विशाखा नक्षत्र में महुआ का वांदा लाकर गले में धारण करने से भय समाप्त हो जाता है। डरावने सपने नहीं आते हैं। शक्ति (पुरुषत्व) में वृद्धि होती है।
 बरगद का बांदा बाजू में बांधने से हर कार्य में सफलता मिलती है और कोई आपको हानि नहीं पहुंचा सकता। 

अनार का बांदा पूजा करने के बाद घर में रखने से किसी की बुरी नजर नहीं लगती और न ही भूत-प्रेत आदि नकारात्मक शक्तियों का घर में प्रवेश होता है। 
बेर के बांदे को विधिवत तोड़कर लाने के पश्चात देव प्रतिमा की तरह इसको स्नान करवाएं व पूजा करें। इसके बाद इसे लाल कपड़े में बांधकर धारण कर लें। इस प्रकार आप जो भी इससे मांगेंगे, वह सब आपको प्राप्त होगा। 
हरसिंगार के बांदे को पूजा करने के बाद लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रखें तो आपको कभी धन की कमी नहीं होगी। 
आम के पेड़ के बांदे को भुजा पर धारण करने से कभी भी आपकी हार नहीं होती और विजय प्राप्त होती है।  Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 

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