भोपाल, 25 फरवरी 2026: किसी भी सरकार के लिए इससे ज्यादा शर्माना क्या होगा कि उसके योग्य नागरिक, भर्ती परीक्षा पास करने के बाद भी नियुक्ति के लिए प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिन शिक्षकों को स्कूल के क्लास रूम में बच्चों के सवालों का जवाब देना था, वह सरकार से सवाल करने के लिए भोपाल आ रहे हैं।
MP Teacher Recruitment Exam Qualified Candidates to Hold Major Protest in Bhopal
श्री शाश्वत ठाकुर ने बताया कि, मध्यप्रदेश में शिक्षक वर्ग-2 भर्ती की प्रक्रिया 2022 में नोटिफिकेशन आया और 2023 में पात्रता परीक्षा हुई। 2025 (अप्रैल) में चयन परीक्षा हुई, चयन (परीक्षा परिणाम सितंबर) सूची भी आ गई, चयन भी हो गया, लेकिन 2026 आ गया और नियुक्ति अभी तक नहीं हुई।
परीक्षा संचालन नियम पुस्तिका
(3.28 म.प्र. प्राथमिक शिक्षा संचालनालय, भोपाल के पत्र क्रमांक 3-17/2014/1/3, भोपाल, दिनांक 18 दिसम्बर 2014 के अनुसार आदेश किया गया है कि रिक्त पदों के आधार पर चयन सूची के विरुद्ध प्रतीक्षा सूची में दिनांक के अधीनस्थ 03 माह के भीतर नियुक्ति आदेश जारी करना सुनिश्चित करें। निर्धारित अवधि में किसी भी प्रकार से विलंब होने पर संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। यदि ऐसे प्रकरण परिलक्षित होते हैं तो उसके लिए विभाग प्रमुख उत्तरदायी होंगे।)
उम्मीदवारों की पीड़ा - टाइम लाइन
सितंबर 2025 – परिणाम घोषित
13 नवंबर 2025– प्रतिनिधिमंडल गया, कोई ठोस निर्णय नहीं
30 जनवरी 2026 – फिर गए, “कोर्ट केस” का हवाला दे दिया गया
16 फरवरी 2026 – DPI का जवाब – 6 महीने से 1 साल और लगेगा
आखिर हम कब तक इंतज़ार करें?
क्या यह भर्ती पंचवर्षीय योजना बना दी गई है?
उम्मीदवारों का स्पष्ट सवाल-
जब नियम पुस्तिका कहती है कि 3 माह में जॉइनिंग होनी चाहिए, तो 6–7 महीने बाद भी नियुक्ति क्यों नहीं?
योग्य अभ्यर्थियों को बार-बार आश्वासन देकर टालना क्या न्यायसंगत है?
श्री ठाकुर का कहना है, मजबूरन हम चयनित अभ्यर्थी(10,700)सड़क पर इसलिए आए हैं ,क्योंकि हमने मेहनत से दो-दो परीक्षाएं पास की है। अब हम सिर्फ एक चीज मांग रहे हैं, तुरंत नियुक्ति। सरकार से हमारी विनती है कि युवाओं का भविष्य अंधकार और इंतज़ार में न रखें। हम शासन प्रशासन का कोई विरोध करने नहीं आए हैं। हम केवल याद दिलाने आए हैं कि परीक्षा संचालन नियम पुस्तिका जो लिखा है, वही याद दिलाने आए हैं। जो प्रक्रिया 2022 से 2024 तक पूरी हो जानी चाहिए थी, वह प्रक्रिया 5 वर्ष की बन गई है, मतलब पंचवर्षीय हो गई है।
अब सिर्फ नियुक्ति चाहते हैं। सरकार से निवेदन है,कि भर्ती प्रक्रिया तुरंत पूरी कर युवाओं का भविष्य सुरक्षित करे।”
कैग (CAG) की रिपोर्ट ने मध्यप्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि 1,895 स्कूल ऐसे हैं जहां छात्र तो हैं, लेकिन एक भी शिक्षक पदस्थ नहीं है। 1,895 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है, 435 स्कूलों में छात्र नहीं हैं, और 29,116 स्कूलों में 99,682 शिक्षकों की कमी है। ग्रामीण क्षेत्र इससे बुरी तरह प्रभावित हैं, जहां केवल 70% स्टाफ पद ही भरे गए हैं।
शिक्षकों की भारी कमी शिक्षा गुणवत्ता पर प्रभाव डाल रही है।
रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए।
चयनित अभ्यर्थियों को शीघ्र जॉइनिंग दी जाए।
श्री ठाकुर ने बताया कि, हम लोग 26 फरवरी को सुबह 11 बजे रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर इकठ्ठा होंगे, और वह से 11:30 AM पे हम बीजेपी कार्यालय के लिए निकलेंगे, वहां पे हम शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देंगे, फिर वहां से हम DPI के लिए निकलेंगे और वहां प्रोटेस्ट करेंगे।

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