भोपाल समाचार, 10 अप्रैल 2026: मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने 9 अप्रैल को मध्य प्रदेश के 26 आईएएस अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की। इसमें 14 कलेक्टर भी हैं और श्री अर्पित वर्मा इनमें से एक नाम है। श्री वर्मा एक्शन ओरिएंटेड और ऑन द स्पॉट डिसीजन करने वाले कलेक्टर माने जाते हैं। श्योपुर में उनकी धमाकेदार पारी चल रही थी फिर अचानक उनको शिवपुरी भेज दिया गया। सवाल तो बनता है कि ऐसा क्यों किया गया, सिंधिया समर्थकों को बचाने के लिए या फिर उनकी लंका लगाने के लिए?
सफेदपोश भू माफियाओं को ट्रैप करना जानते हैं
बात ऐसी है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री अर्पित वर्मा, सिर्फ एक्शन ओरिएंटेड अधिकारी नहीं है बल्कि सफेदपोश भू माफियाओं को ट्रैप करना बहुत अच्छी तरीके से जानते हैं। अवैध कॉलोनी और जमीन के साथ गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हैं। सब जानते हैं कि शिवपुरी में सफेदपोश भू माफियाओं की कमी नहीं है। शिवपुरी के कलेक्टर ऑफिस की हर साल पुताई नहीं होती लेकिन इसी ऑफिस के माध्यम से शिवपुरी के भूमाफिया सरकार को हर साल करोड़ों रुपए का चूना लगाते हैं।
सब यह भी जानते हैं कि शिवपुरी के ज्यादातर भू माफिया सिंधिया समर्थक बनकर घूमते हैं, क्योंकि सिंधिया समर्थक बने रहने में ही कलेक्टर से संरक्षण मिलता है। वैसे कुछ सिंधिया समर्थन इसलिए भी भू माफिया बन गए क्योंकि वह सिंधिया समर्थक थे और उनके पास अपॉर्चुनिटी थी।
इसके खिलाफ शिवपुरी में भू माफियाओं का दूसरा ग्रुप भी है जो सिंधिया समर्थन नहीं है, बल्कि कुछ तो सिंधिया विरोधी भी है। इनकी दाल रोटी भी चलती रहती है। कोई विवाद की स्थिति ना बने इसलिए समर्थक और विरोधी दोनों रात के अंधेरे में फार्म हाउस पर बैठकर बीच का रास्ता निकाल लेते हैं।
Why Did CM Send Arpit Verma to Shivpuri? Political Buzz Over Scindia Camp Speculations
अब बात ऐसी है कि अर्पित वर्मा, सरकारी जमीन के थानेदार हैं। उनको जमीन का खेल बहुत अच्छी तरीके से आता है और भू माफिया पर डंडा चलाना भी आता है। तो सवाल उठता है कि मुख्यमंत्री ने अर्पित वर्मा को शिवपुरी क्यों भेजा। सिंधिया का झंडा उठाने वाले भूमाफियाओं को फायदा देने के लिए या उनकी लंका लगाने के लिए?। उत्तर तो समय के साथ मिल जाएगा लेकिन एक बात अभी कहीं जा सकती है। ज्योतिष के अनुसार श्री अर्पित वर्मा, शनि की साडेसाती के प्रभाव में हैं। या तो न्याय करेंगे या अन्याय करेंगे, लेकिन सामान्य नहीं रहेंगे।
अर्पित वर्मा की अन्य खास बातें
- शिक्षा पर फोकस करते हैं, स्कूलों में एजुकेशन की क्वालिटी सुधारने के लिए बोल्ड डिसीजन लेते हैं। शिवपुरी में श्री विवेक श्रीवास्तव, प्रभारी, जिला शिक्षा अधिकारी हैं। अब शिवपुरी के स्कूल शिक्षा में दोनों साडेसाती मिलेंगे तो कुछ तो नया होगा।
- स्वास्थ्य के सिस्टम को सुधारना जानते हैं। शिवपुरी की डॉक्टर लॉबी काफी पावरफुल है। यानी टकरा यहां पर भी होगा।
- केबीसी वाली तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की कहानी तो मालूम है ना आपको। बाढ़ राहत घोटाले में जेल भेज दिया है। अब आप खुद समझ लो की राजस्व विभाग के अधिकारियों का क्या होगा।
- पटवारी से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के सबसे छोटे कर्मचारी तक पता नहीं कितने सस्पेंड कर दिए, कोई गिनती ही नहीं है।
- मिड-डे मील और आंगनवाड़ी के मामले में भी काफी संवेदनशील है और कठोर कार्रवाई करते हैं।
- सीधी जिले में SDM रहते हुए रेत माफिया के पसीने छुड़ा दिए थे।
- दमोह, शहडोल, रीवा, मंदसौर में भी कुछ ना कुछ ऐसा किया है जो उल्लेखनीय है और जनता हमेशा याद रखेगी।
- भ्रष्टाचार का कोई बड़ा आरोप नहीं है और कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चल रही है। लोकायुक्त इत्यादि में कोई शिकायत भी नहीं है।
कुल मिलाकर श्री अर्पित वर्मा की अब तक की छवि ईमानदार, संवेदनशील और प्रो-पीपल अधिकारी की है। अब देखना यह है कि शिवपुरी में यह छवि चमकती है या दाग लगेगा। ✒ उपदेश अवस्थी।

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