Twisha Sharma Update Today, पुलिस और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हिसाब से सब झूठ बोल रहे हैं

Updesh Awasthee
भोपाल, 20 मई 2026:
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आज एक नया मोड़ आ गया है। पुलिस की अब तक की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार ट्विशा शर्मा की ससुराल और मायके वाले, दोनों झूठ बोल रहे हैं। इधर भोपाल पुलिस ने ट्विशा शर्मा के मायके वालों पर मेंटल प्रेशर क्रिएट करने के लिए एक चिट्ठी लिख दी है। 

Twisha Sharma Case Takes New Turn as Contradictions Emerge in Police and Postmortem Findings

भोपाल के पुलिस कमिश्नर श्री संजय कुमार ने भी इस मामले में मीडिया के सवालों का जवाब दिया है। ट्विशा शर्मा के मायके वालों का कहना है कि उसकी हत्या की गई है। जबकि पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अब तक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और इन्वेस्टिगेशन में जो कुछ पुलिस के सामने आया है उसके अनुसार यह 'एंटी-मॉर्टम हैंगिंग' का केस है। मतलब आत्महत्या का मामला है। ट्विशा शर्मा की सास गिरीबाला सिंह बार-बार बयान दे रही है कि ट्विशा शर्मा ड्रग एडिक्ट थी। जबकि पुलिस कमिश्नर का कहना है कि मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में, डेड बॉडी के अंदर किसी भी प्रकार का नशीला पदार्थ नहीं मिला है। यहां उल्लेख करना उचित हुआ कि यदि किसी व्यक्ति को नशीले पदार्थ की लत लग गई है तो, भले ही मौत के समय वह नशे की अवस्था में ना हो लेकिन उसके शरीर में नशीला पदार्थ जरूर मिल जाता है। इससे पता चल जाता है कि मरने वाला व्यक्ति नशा करता था। ट्विशा शर्मा के मामले में यह रिपोर्ट नेगेटिव है। 

इसका मतलब हुआ कि, ट्विशा शर्मा की सास गिरीबाला सिंह (जो रिटायर्ड जज है, कंज्यूमर फोरम की अध्यक्ष है और एक महिला भी है) झूठ बोल रही हैं। इसके कारण वह स्वयं शक के दायरे में है। जमानत पाने के बाद मामले को ड्रग्स और मेडिकल की तरफ मोड़ने की कोशिश कर रही हैं। जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। 

पुलिस ने ट्विशा शर्मा के परिवार वालों पर मानसिक दबाव बनाया
इधर भोपाल पुलिस ने ट्विशा शर्मा के परिवार वालों पर मेंटल प्रेशर क्रिएट करने के लिए एक चिट्ठी लिख दी है और इसकी जानकारी मीडिया को भी मिल गई है। पुलिस ने परिवार को पत्र लिखकर शव ले जाने की अपील की है और चेतावनी दी है कि लंबे समय तक रखने से शव खराब हो सकता है। इसका आशा हुआ कि यदि सब सड़ जाएगा तो उसका पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाएगा। 

यह एक प्रकार का प्रेशर है, ताकि ट्विशा शर्मा के मायके वाले जल्दी से किसी डिसीजन तक पहुंचे। या तो कोर्ट से दोबारा पोस्टमार्टम का आर्डर प्राप्त करें या फिर अंतिम संस्कार करें। ट्विशा शर्मा की मौत 12 MAY को हो गई थी। तब से लेकर अब तक उसकी डेड बॉडी एम्स भोपाल में रखी हुई है। 

Police Practical Procedures के अनुसार डेड बॉडी का अंतिम संस्कार करना या अंतिम संस्कार की चिंता करना पुलिस का काम नहीं है। डेड बॉडी को अपने संरक्षण में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवाना और उसके बाद डेड बॉडी को मोर्चरी तक पहुंचाना। पुलिस का सिर्फ इतना सही काम है। इसके बाद परिवार वाले क्या करते हैं, कोर्ट कितनी देर में डिसीजन देता है, डेड बॉडी का क्या होता है, यह चिंता करना पुलिस का काम नहीं है। 

ट्विशा शर्मा का दुर्भाग्य देखिए
  • एक जिंदा दिल लड़की जिसने पुणे से लेकर दिल्ली तक हर कदम पर अपनी पहचान छोड़ी, उसका दुर्भाग्य देखिए 
  • मायके वाले हत्या का आरोप लगाकर असली कहानी को छुपा रहे हैं। 
  • ससुराल वाले ड्रग एडिक्ट बताकर बदनाम कर रहे हैं। 
  • पुलिस इन्वेस्टिगेशन कि नहीं अंतिम संस्कार की चिंता कर रही है। 
और चक्रव्यूह में फंसी ट्विशा शर्मा, शायद आज भी तड़प रही है। 

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