सरकारी शिक्षक, क्लीनिक खोल इलाज करने लगा, महिला का पैर खराब कर दिया

Updesh Awasthee
भोपाल, 20 मई 2026:
मध्य प्रदेश में शिक्षक जाति के लोग, कई प्रकार की आपत्तिजनक और आपराधिक काम करते हुए दिखाई दे जाएंगे। चिंता की बात तो यह है कि शिक्षक जाति के सभ्य लोग ना तो अपने बंधुओं को सुधारते हैं और ना ही उनको सबक सिखाते हैं। डबरा में एक शिक्षक 15 साल से क्लीनिक खोलकर इलाज कर रहा है। पब्लिक और पत्रकारों ने कई बार मामला उठाया लेकिन ग्वालियर जिले में पदस्थ हुए किसी भी कलेक्टर ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। 

Government Teacher Allegedly Running Clinic for 15 Years, No Action Taken So Far

एक और मामला सामने आया है, भितरवार नगर के वार्ड क्रमांक 4 की निवासी महिला रामबाई पत्नी राजू प्रजापति के द्वारा भितरवार एसडीएम और पुलिस थाने में अपने पुत्र राहुल के माध्यम से दिए गए आवेदन के माध्यम से आरोप लगाया है कि कुछ दिन पूर्व मेरे पैर में दर्द हुआ, जिस पर भितरवार की ग्राम पंचायत किठोंदा के नयागांव चक स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय के माध्यमिक शिक्षक लाल सिंह जाटव के वार्ड क्रमांक 4 के द्वारा चलाए जा रहे सोनम क्लिनिक पर पहुंची, जहां मौजूद शासकीय शिक्षक व प्राइवेट क्लीनिक संचालक लाल सिंह जाटव को अपनी पीड़ा बताई, तो उन्होंने कुछ दवाइयां देते हुए इंजेक्शन लगाये। इलाज के दूसरे दिन गलत दवाइयां या इंजेक्शन लगा देने से पैरों में इन्फेक्शन फैल गया और उससे फफोले पड़ गए।

जब दोबारा से लाल सिंह जाटव को दिखाया, तो उन्होंने कहा कि इंजेक्शन रिएक्शन कर गया है, इसका इलाज करने के लिए ग्वालियर जाना पड़ेगा। जिस पर ग्वालियर जाकर चिकित्सकों को पैर दिखाया तो उन्होंने कहा कि गलत इलाज करने के कारण पैर की नसें खराब हो गई है। जिस पर उन्होंने बताया कि ऑपरेशन करने के बाद ही कुछ हो पाएगा, वरना यह पैर चलने के लायक नहीं रहेगा। जिसको लेकर पीड़िता महिला ने बताया कि पैर में हुए इन्फेक्शन के बाद से मैं चलने फिरने में असमर्थ हो गई हूं।

घटना के बाद से संबंधित इलाज करने वाला सरकारी शिक्षक अपना क्लीनिक बंद करके भाग गया है। उसके घर पर भी पूछने पर उसके परिवार के लोग उसके न होने की बात कहते हैं। जिस पर पीड़ित महिला रामबाई ने आरोप लगाते हुए बताया कि संबंधित शिक्षक पर डॉक्टर संबंधी कोई डिग्री नहीं है फिर भी वह नगर में बेधड़क होकर क्लीनिक खोल कर पिछले 10-15 वर्षों से लोगों का इलाज कर रहा है। 

उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इसी शिक्षक बने डॉक्टर के द्वारा गलत इलाज करने से एक अधेड़ व्यक्ति की मौत हुई थी, तब कुछ ले- देकर मामला सुलटा लिया था। उसके बावजूद यहां का जिम्मेदार चिकित्सा प्रशासन इस पर कार्यवाही नहीं कर रहा है।

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