VIDEO NEWS - मप्र शिक्षक भर्ती के पीड़ित अभ्यर्थी भोपाल की भीषण गर्मी में DPI वालों से रहम की भीख मांगते रहे

Updesh Awasthee
भोपाल, 16 मई 2026:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय के सामने शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, कुछ इस प्रकार से चल रहा है मानो यही उनका काम है। यहां रोज अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा रहता है। आज शनिवार को भी भीषण गर्मी के बीच प्रदर्शन चला रहा। आज शिक्षक चयन परीक्षा 2025 वर्ग 2 और वर्ग 3 के अभ्यर्थी भीषण गर्मी में DPI वालों से रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। 

धूप की तपन से बड़ा सिस्टम का अन्याय

दोपहर की भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे रहे। हालात इतने खराब थे कि गर्मी के कारण एक महिला अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ गई और मौके पर एम्बुलेंस बुलानी पड़ी। लेकिन सिस्टम की संवेदनहीनता देखिए- उस बहादुर युवती ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया और अपनी मांगों के लिए आंदोलन जारी रखने का फैसला किया। साथियों ने मौके पर ही उसे पानी और दवाइयां दीं, क्योंकि उनका संघर्ष किसी शारीरिक पीड़ा से कहीं बड़ा है।

आंकड़ों में सरकार की पोल: 1.15 लाख पद खाली, फिर नियुक्ति क्यों नहीं?

अभ्यर्थियों का आक्रोश जायज है। जहाँ एक तरफ प्रदेश के हजारों पात्र युवा दर-दर भटक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है।
कुल खाली पद: प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के करीब 1,15,678 पद खाली पड़े हैं।
शिक्षकों की कमी: 1,968 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जबकि 46,417 स्कूलों में सिर्फ दो शिक्षक हैं।
छात्रों का नुकसान: स्कूलों में शिक्षकों की इस कमी का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है, फिर भी सरकार पदवृद्धि की जगह कम पदों पर भर्ती कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।

खून से पत्र लिखे मुंडन भी करवा लिया और कितनी परीक्षा लेगी सरकार?

यह कोई पहला प्रदर्शन नहीं है। नवंबर 2025 से अब तक अभ्यर्थी 8 से 9 बार भोपाल में प्रदर्शन कर चुके हैं। न्याय पाने के लिए अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के नाम खून से आवेदन लिखा, भूख हड़ताल की, मुंडन कराया और यहाँ तक कि अपनी मार्कशीट तक जला दी, लेकिन सरकार के कानों पर जूँ तक नहीं रेंगी।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें (Major Demands):

वर्ग-2 में पदवृद्धि: खेल, संगीत, नृत्य सहित सभी विषयों के पद बढ़ाकर कुल संख्या 10,000 की जाए।
वर्ग-3 में पदवृद्धि: प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या कम से कम 25,000 की जाए।
जल्द काउंसलिंग: दोनों श्रेणियों के लिए दूसरी काउंसलिंग की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो।
विशेष शिक्षक पद: 3,200 विशेष शिक्षकों के लिए अलग से भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत हो।

पुलिस की कार्रवाई और अभ्यर्थियों का संकल्प

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों को परिसर खाली करने की चेतावनी दी, जिसे लेकर तीखी बहस और हंगामा हुआ। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपनी जायज मांगों के लिए प्रदेशभर से आए हैं, लेकिन उन्हें न्याय देने के बजाय परेशान किया जा रहा है।

अभ्यर्थियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। यह केवल एक नौकरी की बात नहीं है, बल्कि यह मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और हजारों युवाओं के स्वाभिमान की लड़ाई है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन युवाओं के संघर्ष को समझेगा या एक बार फिर उनके सपनों को फाइलों में दबा दिया जाएगा?
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