ललित मुद्गल, शिवपुरी, 23 मई 2026: पिछले कुछ समय से क्षेत्र में जातिगत भेदभाव के मामलों की तुलना में अनुसूचित जाति के लोगों द्वारा सामान्य जाति के लोगों को प्रताड़ित किए जाने के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। थाना कोतवाली में एक मामला दर्ज हुआ है जिसमें अनुसूचित जाति के एक युवक ने ब्राह्मण महिला अधिकारी का जीवन दुश्वार कर दिया। पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी तो बदले में एससी एसटी एक्ट की धमकी दी। पीछा छोड़ने के बदले में एक करोड़ रुपए की मांग की।
SC Youth Booked for Harassing Brahmin Woman Officer, Case Registered
पीड़ित महिला अधिकारी का नाम जया शर्मा है, जो जीएसटी डिपार्मेंट में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर काम कर रही हैं। जया शर्मा की शिकायत पर, कोतवाली थाना पुलिस ने बदरवास निवासी प्रदीप कुमार जाटव के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धमकी और आईटी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता जया शर्मा के अनुसार पिछले करीब 10 महीनों से आरोपी लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ अपमानजनक और भ्रामक पोस्ट डाली जा रही थीं। इतना ही नहीं, आरोपी ने उनकी 7 वर्षीय बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों को भी निशाना बनाते हुए अभद्र टिप्पणियां कीं।
जीएसटी का आवेदन निरस्त किया तो भड़क उठा
जया शर्मा ने बताया कि इस पूरे विवाद की शुरुआत 18 जुलाई 2025 को हुई थी। उस दिन बदरवास निवासी प्रदीप कुमार जाटव अपने एक परिचित का जीएसटी पंजीयन कराने के लिए आवेदन लेकर उनके कार्यालय पहुंचा था। विभागीय प्रक्रिया और तकनीकी कारणों से आवेदन निरस्त कर दिया गया। आरोप है कि आवेदन खारिज होने के बाद प्रदीप ने नाराज होकर कहा कि इससे उसका 20 लाख रुपए का नुकसान हो गया है और अब इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।
तमाम शिकायतें की, सोशल मीडिया पर बदनाम करने लगा
इसके बाद आरोपी ने सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट डालना शुरू कर दिया। महिला अधिकारी का आरोप है कि आरोपी ने उन्हें हत्यारिन जैसे शब्दों से संबोधित किया और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। आरोपी ने न केवल सोशल मीडिया बल्कि विभिन्न विभागों और शिकायत निवारण कार्यालयों में भी उनके खिलाफ शिकायतें भेजीं। आरोपी ने सोशल मीडिया पर उनकी नौकरी को लेकर भी सवाल खड़े किए और पुराने मामलों को जोड़कर पोस्ट साझा कीं।
7 साल की बेटी को भी टारगेट किया
पीड़िता जया शर्मा के अनुसार पिछले करीब 10 महीनों से आरोपी लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ अपमानजनक और भ्रामक पोस्ट डाली जा रही थीं। इतना ही नहीं, आरोपी ने उनकी 7 वर्षीय बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों को भी निशाना बनाते हुए अभद्र टिप्पणियां कीं।
पीड़ित महिला अधिकारी के मुताबिक आरोपी ने वाट्सएप कॉल के माध्यम से एक करोड़ रुपए की मांग भी की। महिला अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने आरोपी को ब्लैकमेलिंग बंद करने और पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी, तो उसने उल्टा उन्हें झूठे एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी।
जया शर्मा का कहना है कि यह पूरा मामला सुनियोजित प्रतीत होता है और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता भी हो सकती है। उन्होंने पुलिस से पूरे नेटवर्क की जांच करने की मांग की है।
कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे ने बताया कि जीएसटी विभाग की सहायक आयुक्त की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई करेगी।

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