राजेश जयंत, आलीराजपुर। मध्य प्रदेश के पश्चिम सीमांत जनजातीय बहुल आलीराजपुर के उदयगढ़ थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अंधे हत्याकांड का पुलिस ने महज चार दिनों में खुलासा कर दिया। जिस युवक ने खुद थाने पहुंचकर छोटे भाई की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वही उसका कातिल निकला। परिवार के भीतर पनप रही ईर्ष्या, महत्व कम मिलने की कसक और पुरानी रंजिश ने बड़े भाई को इतना निर्दयी बना दिया कि उसने शराब के नशे में धुत अपने ही छोटे भाई को पत्थरों से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया।
खेत में खाट पर मिला था खून से लथपथ शव
घटना 17 मई की सुबह सामने आई थी। उदयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ी उत्ती के बिलवाल फलिया में आम के पेड़ के नीचे खेत पर बने ठिकाने में 19 वर्षीय पातलिया उर्फ प्रकाश का शव खाट पर पड़ा मिला था। शव पूरी तरह खून से सना हुआ था और चेहरे, सिर, कान तथा नाक पर गंभीर चोटों के निशान थे। आसपास के लोगों ने जब युवक को मृत अवस्था में देखा तो इलाके में सनसनी फैल गई।
मृतक के बड़े भाई कालू पिता भंवरसिंह बिलवाल ने खुद थाने पहुंचकर पुलिस को बताया था कि वह रात में ढाबे पर खाना खाने गया था। लौटने पर छोटा भाई घर पर नहीं मिला। पिता के कहने पर जब वह खेत में देखने पहुंचा तो भाई मृत अवस्था में पड़ा मिला। इस सूचना पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी।
शुरू से कहानी में दिख रही थीं कई परतें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह के निर्देशन और एसडीओपी जोबट रवीन्द्र राठी के पर्यवेक्षण में विशेष जांच टीम गठित की गई। उदयगढ़ थाना पुलिस के साथ जोबट और बोरी थाने की टीमों को भी जांच में लगाया गया। घटनास्थल का तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण किया गया। पुलिस ने मृतक और उसके परिजनों की गतिविधियों, आपसी संबंधों और घटना से पहले की परिस्थितियों को खंगालना शुरू किया।
जांच आगे बढ़ी तो फरियादी कालू की कहानी में कई विरोधाभास सामने आने लगे। पुलिस को उसके हावभाव और बयान संदिग्ध लगे। लगातार पूछताछ में वह बार-बार अपने बयान बदलता रहा। आखिरकार 21 मई को की गई सख्त और मनोवैज्ञानिक पूछताछ में उसका झूठ टूट गया और उसने अपने ही छोटे भाई की हत्या करना स्वीकार कर लिया।
छोटे भाई को ज्यादा महत्व मिलने से भीतर ही भीतर जलता था आरोपी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि परिवार में छोटे भाई पातलिया को अधिक महत्व दिया जाता था। इसी बात को लेकर वह लंबे समय से भीतर ही भीतर कुंठा और ईर्ष्या पाल रहा था। कुछ समय पहले पिता की मोटरसाइकिल को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद भी हुआ था। इसी विवाद और जलन ने उसके मन में हत्या की साजिश को जन्म दिया।
घटना वाली रात आरोपी कालू अपने छोटे भाई को साथ लेकर खेत पर गया। वहां उसने उसे जमकर शराब पिलाई। जब पातलिया नशे में बेसुध हो गया तो आरोपी ने पास पड़े पत्थरों से उसके चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमला इतना बेरहम था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हत्या के बाद खुद ही बन गया फरियादी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए पूरी पटकथा तैयार की। अगले दिन वह सीधे थाने पहुंचा और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी, ताकि पुलिस का शक उससे दूर रहे। लेकिन पुलिस की बारीक जांच, घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ ने आखिरकार उसकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना के समय पहना गया खून से सना शर्ट और हत्या में इस्तेमाल किया गया खून लगा पत्थर बरामद कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
चार दिन की जांच में खुला अंधे कत्ल का राज
इस अंधे हत्याकांड के खुलासे में थाना प्रभारी उदयगढ़ निरीक्षक ब्रजभूषण हीरवे, थाना प्रभारी जोबट निरीक्षक विजय वास्कले, थाना प्रभारी बोरी निरीक्षक नेपालसिंह चौहान सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लगातार चार दिनों तक चली जांच, साक्ष्यों के विश्लेषण और गहन पूछताछ के बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाई।

