ग्वालियर, 24 फरवरी 2026: इसमें कोई डिबेट नहीं की जो हुआ वह एक क्राइम है और पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन इससे ज्यादा शर्म की बात क्या होगी, पब्लिक को अपनी प्रॉब्लम बताने के लिए क्राइम करना पड़ रहा है। ज्ञापन के साथ गोलीबारी करनी पड़ रही है ताकि उनकी प्रॉब्लम हाईलाइट हो सके।
Gunfire Erupts During Memorandum Submission Over Gwalior-Bhind Highway
"बहरी सरकार को सुनने के लिए धमाके की जरूरत होती है" इसलिए भगत सिंह ने असेंबली में बम फेंका था। वह किसी को करने के लिए नहीं बल्कि ध्यान आकर्षित करने के लिए था। आज मध्य प्रदेश के भिंड में बिल्कुल ऐसा ही हुआ है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-भिंड हाईवे पर स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर बाइक सवार दो युवकों ने पिस्टल से फायरिंग की और धमकी भरी चिट्ठी फेंककर मौके से फरार हो गए। उनको मालूम था कि यह सब कुछ सीसीटीवी में रिकॉर्ड होगा और वीडियो वायरल होगा। बिल्कुल वैसा ही हो रहा है।
मारने के लिए नहीं ध्यान खींचने के लिए हवाई फायरिंग की थी
फायरिंग करने वाले युवक, ग्वालियर-भिंड हाईवे को सिक्सलेन करने की मांग कर रहे हैं। इस हाइवे पर हैवी ट्रैफिक है। हर रोज दर्जनों एक्सीडेंट होते हैं। एक सप्ताह पहले 16 फरवरी को 24 साल के जवान लड़के आकाश भदोरिया की एक्सीडेंट में मौत हुई थी। पुलिस ऐसे एक्सीडेंट के मामलों को दर्ज कर लेती है और फिर बीमा एवं मुआवजा की कार्रवाई शुरू हो जाती है। लेकिन कोई भी इंश्योरेंस या मुआवजा, किसी व्यक्ति की मौत की भरपाई नहीं हो सकता। सरकार इस बात पर ध्यान देने के लिए तैयार ही नहीं है। जनता लगातार मांग कर रही है लेकिन सरकार ने अब तक ग्वालियर भिंड सिक्सलेन हाईवे का काम शुरू नहीं किया है।
ज्ञापन में लिखा है कि:
- सरकार अंधी हो चुकी है
- आकाश जैसा अब कोई नहीं मरेगा
- हाइवे बनाओ या टोल हटाओ।
- चाहे नेताओं को अपने फ्लैट बेचने पड़ें, लेकिन ग्वालियर-भिंड हाईवे का काम तुरंत शुरू होना चाहिए।
- अगर सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ तो इससे भी बड़ा कदम उठाया जाएगा।
अंत में लिखा है- ‘सरकार अंधी हो चुकी है।’
80 किलोमीटर का हाईवे, आए दिन हो रहे हादसे
ग्वालियर से भिंड के बीच करीब 80 किलोमीटर लंबा हाईवे हादसों के लिए कुख्यात हो चुका है। इस मार्ग पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें लोगों की जान जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क और बढ़ते ट्रैफिक के कारण हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। हाईवे को सिक्स लेन बनाने की मांग कई सालों से की जा रही है। इस मुद्दे को लेकर संत समाज, स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों ने कई बार धरना-प्रदर्शन किए हैं और प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है।
ग्वालियर-भिंड 4-लेन हाईवे की घोषणा हुई थी
अगस्त 2025 में केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश के लिए कई रोड प्रोजेक्ट्स की घोषणा की थी, जिसमें ग्वालियर-भिंड 4-लेन हाईवे शामिल था। इसकी लंबाई लगभग 96 किमी बताई गई है, और अनुमानित लागत ₹3,125 करोड़ है। इसके पहले यह प्रोजेक्ट MPRDC (मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम) देख रहा था, लेकिन अब इसे NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) को सौंप दिया गया है। सब कुछ कागजों में चल रहा है, जबकि सड़क पर हर रोज किसी न किसी की मौत हो रही है।
पुलिस तो पकड़ लेगी लेकिन क्या सड़क बनेगी
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के आधार पर ज्ञापन के साथ फायरिंग करने वाले युवाओं की तलाश शुरू कर दी है। युवाओं को आसानी से पकड़ लिया जाएगा, क्योंकि यदि पुलिस ने नहीं पड़ा तो युवा खुद बता देंगे कि उन्होंने फायरिंग की है। बड़ा सवाल तो यह है कि क्या, युवाओं ने फायरिंग करके जो मैसेज दिया है, सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश की है। सरकार उनकी प्रॉब्लम को सॉल्व करेगी। ग्वालियर भिंड हाईवे पर तुरंत ट्रैफिक कंट्रोल के लिए पुलिस स्टाफ की तैनाती करेगी और क्या सड़क पर काम शुरू हो जाने की किसी तारीख की घोषणा की जा सकेगी।

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