Loading...    
   


MP CORONA: 37 जिलों के गांव-गांव तक पहुंचा संक्रमण, हालात चिंताजनक - UPDATE NEWS

भोपाल
। मध्य प्रदेश के हालात चिंताजनक हो गए हैं। 52 में से 37 जिलों की ग्रामीण क्षेत्रों तक संक्रमण पहुंच चुका है। लोग ना केवल बीमार हो रहे हैं बल्कि स्वास्थ्य केंद्रों के बाहर इलाज के अभाव में उनकी मौत भी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग अपने आंकड़ों में गंभीरता को छुपाने की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री के बयानों में चिंता की स्थिति साफ दिखाई दे रही है। वह चाहते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र कुछ दिनों के लिए टोटल लॉक डाउन हो जाए लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर ऐसा कह नहीं सकते। महामारी और दर्दनाक मौत से बचना है तो लोगों को समझना होगा।

मध्य प्रदेश में सबसे खतरनाक स्थिति वाले जिलों की संख्या 27

इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, रतलाम, रीवा, बैतूल, विदिशा, धार, सतना, नरसिंहपुर, शिवपुरी, होशंगाबाद, कटनी, शहडोल, सीहोर, बालाघाट, झाबुआ, रायसेन, मुरैना, राजगढ़, सिंगरौली, सीधी, टीकमगढ़ और दतिया ऐसे जिले हैं जहां कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या 1000 से अधिक चल रही है। इंदौर में 12000, भोपाल 13000, ग्वालियर 8000 और जबलपुर 5000 से अधिक के साथ सबसे खतरनाक स्थिति में है। 

मध्य प्रदेश के 6 जिले जहां स्थिति नियंत्रण में है

आगर मालवा, भिंड, श्योपुर, अलीराजपुर, खंडवा और हरदा मध्यप्रदेश के ऐसे जिले हैं जहां एक्टिव केस की संख्या 500 से कम है। निश्चित रूप से इन जिलों में कलेक्टर एवं तमाम कोरोना कंट्रोल टीम सफलतापूर्वक काम कर रही है। यह सभी अभिवादन के पात्र हैं।

MADHYA PRADESH COVID19 UPDATE NEWS 30 APRIL 2021 

- हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक ने डाॅक्टर्स से कहा- कोरोना से ठीक हुए नॉन ऑक्सीजन मरीजों को आज और कल डिस्चार्ज मत करो, रविवार को सेलिब्रेटिंग इवेंट कर भेजेंगे। 
- भोपाल के बाद इंदौर में भी 10 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। 
- भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री श्रेष्ठा जोशी ने शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री पद से हटाकर किसी योग्य व्यक्ति को नियुक्त करने की मांग की है। 
- सागर जिले के ग्राम खामखेड़ा में राजस्थान से लौटे 5 युवकों को गांव में नहीं घुसने दिया गया। सरकार ने पंचायत भवन को आइसोलेशन सेंटर बनाने की बात कही है परंतु इन लड़कों को कोई सरकारी सुविधा नहीं दी गई। एक पेड़ के नीचे पांचों लड़के दिन बता रहे हैं।
- मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों को अपने ऑक्सीजन प्लांट लगाने चाहिए। सरकार उन्हे ऑक्सीजन नहीं दे पाएगी। 
- मुरैना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जौरा में एक व्यक्ति की इलाज के अभाव में मौत हो गई। बीमार व्यक्ति आधा घंटे तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बाहर तड़पता रहा। डॉक्टर और नर्स ने उसे देखा तक नहीं। बाद में मेडिकल आफिसर ने कहा, वह लोग मरे हुए व्यक्ति को अस्पताल लाए थे।
- भाजपा के विधायक नारायण त्रिपाठी भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से नाराज हैं। उनका कहना है कि वीडियो कांफ्रेंस करने से कुछ नहीं होगा। ऑक्सीजन और इंजेक्शन का इंतजाम करें। 
- खरगोन कलेक्टर अनुग्रह पी पॉज़िटिव पाई गई है। वे घर पर ही आइसोलेशन में हैं। खरगोन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एसके सरल भी पॉज़िटिव पाए गए हैं। इससे पहले नरसिंहपुर और निवाड़ी कलेक्टर कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।

MADHYA PRADESH CORONA BULLETIN 30 APRIL 2021 DISTRICT WISE STATUS LIST





30 अप्रैल को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार



भोपाल समाचार: टेलीग्राम पर सब्सक्राइब करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here
भोपाल समाचार: मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here