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भोपाल कोरोना: आधी रात को लड़की को लेने आए, पड़ोसी को क्वॉरेंटाइन कर दिया, एडवोकेट 1 घंटे सड़क पर लेटे रहे

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में केवल संक्रमित मरीजों की संख्या नहीं बढ़ रही बल्कि संक्रमण को रोकने के लिए तैनात प्रशासनिक अमले की लापरवाही संक्रमण को फैलने में मददगार साबित हो रही है। 3 मामले सामने आए हैं। पहला: कोरोना पॉजिटिव लड़की को 48 घंटे तक अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। कलेक्टर से शिकायत की तो आधी रात को एंबुलेंस भेज दी। दूसरे मामले में पॉजिटिव के परिवार को छोड़कर पड़ोसी का परिवार क्वॉरेंटाइन कर दिया। तीसरे मामले में एंबुलेंस के लिए एक एडवोकेट को 1 घंटे तक सड़क पर लेट कर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

घरवालों को क्वॉरेंटाइन कर गए लेकिन पीड़ित मरीज को नहीं ले गए

दरअसल मामला संतोषी विहार कॉलोनी का है। यहां रहने वाले मदन विश्वकर्मा ने 24 जुलाई को अपनी बेटी की कोरोना जांच करवाई। 25 जुलाई को पॉजीटिव आने पर जिला प्रशासन की टीम घर आकर मदन और घर के तीन अन्य सदस्यों को क्वारंटाइन करने ले गई। मदन के पूछने पर टीम ने कहा कि बाद में अस्पताल की टीम आएगी वो बेटी को ले जाएगी। यह कहकर पॉजीटिव युवती को घर पर ही छोड़ गए।

लड़की को लेने के लिए 48 घंटे बाद आधी रात को एंबुलेंस भेजी

मदन ने बताया कि चिरायु अस्तपाल की टीम 25 जुलाई की रात करीब साढे 12 बजे घर पहुंची और बेटी को अस्पताल जाने को कहने लगी। रात ज्यादा होने पर बेटी ने सुबह तक अस्पताल जाने की बात कही। लेकिन इसके बाद टीम अगले पूरे दिन युवती को लेने नहीं आई। जब परिजनों ने कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को शिकायत की तब सोमवार दोपहर को युवती को अस्पताल में भर्ती कराया जा सका।

कोरोना पॉजिटिव के घर को छोड़कर पड़ोसी के परिवार को क्वारंटाइन कर दिया

इधर, सहयाद्री परिसर स्टाफ क्वाटर में एक कोरोना पॉजीटिव मरीज मिलने के बाद प्रशासन ने अस्पताल में भर्ती करवा दिया। अगले ही दिन जिला प्रशासन की टीम उनके पड़ोसी के घर पहुंची और सभी को क्वारंटाइन करने की बात करने लगी। पड़ोसी ने कहा कि पीडित का पूरा परिवार घर पर है जब उन्हें क्वारंटाइन नहीं कर रहे तो हमें क्यों। इस टीम ने नियम का हवाला देते हुए पूरे परिवार को मैनिट में क्वारंटाइन कर दिया, जबकि मरीज का परिवार अब भी घर में ही है।

भोपाल में एडवोकेट 1 घंटे तक रोड पर लेटा रहा, तब एंबुलेंस आई

शारदा नगर बैरागढ़ कलां में रहने वाला एक एडवोकेट कोरोना पॉजिटिव निकले। उसे सोमवार दोपहर 12 बजे फोन आया कि एम्बुलेंस उन्हें लेने घर पहुंच रही है। दोपहर दो बजे तक इंतजार करने के बाद उसे घबराहट होने लगी तो वह घर से बाहर निकलकर रोड पर लेट गया। जैसे ही इसकी जानकारी पुलिस और प्रशासन को लगी तो तत्काल एम्बुलेस को लेकर पुलिस की टीम दोपहर साढ़े 3 बजे मौका स्थल पर पहुंची और मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया।

मेरी नजर में अब तक इस तरह के मामले नहीं आए लेकिन इस तरह की लापरवाही गंभीर है। मैं इन मामलों को दिखवाता हूं ।
डॉ. प्रभाकर तिवारी, सीएमएचओ

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