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किस सिक्के में मिलावट पर 3 साल और किसमें 7 साल की सजा होती है, पढ़िए मजेदार जानकारी / ABOUT IPC

धातु में मिलावट करना एक अपराध है परंतु धातु के सिक्के में मिलावट करना एक अलग तरह का अपराध है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारतीय सिक्के में मिलावट करना और विदेशी सिक्के में मिलावट करना दो अलग-अलग तरह के अपराध है। दोनों के लिए भारतीय दंड संहिता में अलग-अलग धारा निर्धारित की गई है और दोनों धाराओं की सजा में काफी अंतर है।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 246 एवं 247 की परिभाषा:-

1. धारा 246 की परिभाषा:- अगर कोई व्यक्ति कपटपूर्ण या बेईमानी के उद्देश्य से किसी असली विदेशी सिक्के में अन्य धातु को मिश्रण करेगा जिससे उसका वजन कम या कीमत कम हो जाए। ऐसा करने वाला व्यक्ति धारा 246 के अंतर्गत दोषी होगा।

2.धारा 247 की परिभाषा:- अगर कोई व्यक्ति कपटपूर्ण या बेईमानी के उद्देश्य से किसी असली भारतीय सिक्को में अन्य धातु को मिश्रण करेगा जिससे उसका वजन कम या कीमत कम हो जाए। ऐसा करने वाला व्यक्ति धारा 247 के अंतर्गत दोषी होगा।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 246 एवं 247 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

दोनों धाराओं के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं है एवं यह अपराध संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध है। इनकी सुनवाई का अधिकार प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट को हैं।
1. धारा 246 के अपराध में सजा- तीन वर्ष की कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है।
2. धारा 247 के अपराध में सजा- सात वर्ष की कारावास ओर जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है।
बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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