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मध्य प्रदेश में धान मिलर्स को इंसेंटिव कैसे मिलेगा, मंत्री और प्रमुख सचिव ने बताया

भोपाल।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश में धान मिलर्स को इंसेंटिव की घोषणा की है। कैबिनेट मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह एवं विभाग के प्रमुख सचिव श्री फैज अहमद किदवई ने बताया कि धान मिलिंग के बदले इंसेंटिव का भुगतान किस प्रकार किया जाएगा। एक प्रकार से धान मिलर्स के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह ने बताया कि खरीफ विपणन के लिए वर्ष 2020-21 में किसानों से 37 लाख 26 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। धान मिलिंग के लिए मिलर्स को धान की आनुपातिक दर के आधार पर प्रोत्साहन राशि के अलावा पृथक से अतिरिक्त राशि का भुगतान किया जायेगा। मिलर्स को प्रोत्साहन राशि के रूप में 50 रूपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है।

प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री फैज़ अहमद किदवई ने बताया कि राज्य शासन द्वारा जारी आदेशानुसार आनुपातिक आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का निर्धारण किया गया है। ऐसे मिलर्स जो 50 रूपये प्रति क्विंटल पर मिलिंग करना चाहते हैं तो वे सीएमआर की संपूर्ण मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करायें। इसी प्रकार मिलिंग का अनुपात 80 प्रतिशत नागरिक आपूर्ति एवं 20 प्रतिशत भारतीय खाद्य निगम को सीएमआर परिदान की सहमति पर प्रोत्साहन राशि की दर 50 रूपये प्रति क्विंटल के अतिरिक्त 50 रूपये प्रति क्विंटल अपग्रेडेशन राशि के रूप में निर्धारित की गई है।

इसके अलावा 40 प्रतिशत नागरिक आपूर्ति निगम एवं 60 प्रतिशत एफसीआई के मिलिंग अनुपात पर परिदान किए जाने पर 50 रूपये के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि 150 रूपये प्रति क्विंटल दी जाएगी। भारतीय खाद्य निगम को शत-प्रतिशत परिदान किए जाने पर प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त 200 रूपये प्रति क्विंटल अपग्रेडेशन राशि प्रदान की जाएगी।

श्री किदवई ने बताया कि विभिन्न विकल्पों के अनुसार मिलिंग की अपग्रेडेशन राशि केवल वर्ष 2020-21 में धान की मिलिंग के लिए मान्य होगी। आगामी खरीफ विपणन वर्षो में प्रोत्साहन राशि 50 रूपये ही मान्य होगी।

सीमावर्ती राज्यों के मिलर्स भी कर सकेंगे मिलिंग

श्री किदवई ने बताया कि मध्यप्रदेश के सीमावर्ती राज्यों के मिलर्स यदि मध्यप्रदेश की धान की मिलिंग प्रदेश की चावल परिदान की शर्तो, दरों एवं जिले के अंदर औसत परिवहन हेतु मान्य व्यय के आधार पर सहमत हों तो उनसे भी धान की मिलिंग कराई जा सकेगी।

प्रमुख सचिव श्री किदवई ने बताया कि वर्ष 2020-21 में जिलों में भण्डारित धान की मिलिंग के लिए जिन निविदाकारों ने 2:3 के अनुपात में मिलिंग की प्रस्तावित दर 200 रूपये से कम भरी हैं उन्हें प्रस्तावित मात्रा की मिलिंग के लिए अंकित दरों पर ही भुगतान किया जाएगा।

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