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MP NEWS- युवा आईएएस के खिलाफ चक्रव्यूह तैयार, GAD ने नोटिस थमाया

भोपाल
। 2014 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी लोकेश जांगिड़ के खिलाफ चक्रव्यूह तैयार किया जा रहा है। 4 साल में 8 ट्रांसफर से नाराज युवा आईएएस ने अपनी एसोसिएशन के ग्रुप में भड़ास निकाली और प्रतिनियुक्ति पर अपने गृह राज्य महाराष्ट्र जाने के लिए अप्लाई किया तो सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें नोटिस थमा दिया। मध्य प्रदेश का इतिहास बताता है कि जिस आईएएस अफसर से एसोसिएशन नाराज हो जाती है, उसकी नौकरी खतरे में पड़ जाती है। देखना यह है कि बेबाक और बेखौफ युवा आईएएस लोकेश जांगिड़ इस विषम परिस्थिति का सामना कैसे करते हैं।

बड़वानी कलेक्टर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे 

लोकेश जांगिड़ आईएएस को बड़वानी में अपर कलेक्टर बनाकर भेजा गया था। कलेक्टर श्री शिवराज सिंह वर्मा ने उन्हें कोरोना प्रभारी बना दिया। लोकेश जांगिड़ ने कोरोनावायरस के साथ-साथ इस अभियान में चल रहे भ्रष्टाचार को भी कंट्रोल करने की कोशिश की। नतीजा मात्र 42 दिनों में उनका ट्रांसफर हो गया और उन्हें राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल भेज दिया गया। इस ट्रांसफर से नाराज लोकेश जांगिड़ ने अपनी आईएएस एसोसिएशन के ग्रुप में भड़ास निकाल डाली। उन्होंने बड़वानी कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और उनके परिवार के बारे में अपनी राय प्रकट कर दी। बात घर में थी परंतु एसोसिएशन ने उन्हें ग्रुप से बाहर कर दिया। कुछ समय बाद लोकेश जांगिड़ की चैट वायरल हो गई और बवाल शुरू हो गया।

IAS LOKESH JANGID ने प्रतिनियुक्ति मांगी थी, नोटिस मिला 

विवाद बढ़ने पर युवा आईएएस अकेले पड़ गए। सोशल मीडिया पर जनता तो उनके साथ नजर आई परंतु ब्यूरोक्रेसी का साथ नहीं मिला। ऐसी स्थिति में लोकेश जांगिड़ आईएएस ने मध्यप्रदेश छोड़कर 3 साल के लिए प्रतिनियुक्ति पर अपने गृह राज्य महाराष्ट्र जाने का आवेदन कर दिया। इधर मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें नोटिस थमा दिया है।

बिना अनुमति के कॉल रिकॉर्ड करके दूसरों को भेजना अनुशासनहीनता

दरअसल, जब जांगिड़ का बड़वानी से तबादला हुआ था तो सामान्य प्रशासन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने फोन लगाकर उन्हें इसकी सूचना दी थी। उन्होंने इस बातचीत को रिकॉर्ड कर कुछ अधिकारियों को भेज दिया। फोन रिकॉर्ड कर सार्वजनिक करने को सेवा आचरण नियम के तहत अनुशासनहीनता मानते हुए उनसे जवाब-तलब किया गया है। वहीं प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि हर अधिकारी-कर्मचारी सेवा नियमों से बंधा है। इसकी अनदेखी और अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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