भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी के विधायक नीरज दीक्षित को हनीट्रैप में फंसा कर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। छतरपुर जिले की महाराजपुर विधानसभा से विधायक नीरज दीक्षित समझदार निकले और जाल में फंसने के बजाय संभावित बदनामी को दरकिनार करते हुए पुलिस के पास जा पहुंचे।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक नीरज दीक्षित को कैसे फंसाया गया
विधायक नीरज दीक्षित ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर एक महिला का फोन आया था। वह मदद मांग रही थी इसलिए उन्होंने महिला से बात की। मदद की प्रक्रिया के दौरान महिला ने उससे दोस्ताना व्यवहार में बात करना शुरू कर दिया। विधायक नीरज दीक्षित ने इसे खतरे का संकेत नहीं माना और शायद यही गलती कर गए।
लड़की ने 21 मई 2021 को विधायक नीरज दीक्षित को वीडियो कॉल पर बुलाया और अश्लील बातें करना शुरू कर दिया। उन्हें अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए जितना वक्त चाहिए था, विधायक नीरज दीक्षित उतने वक्त तक वीडियो कॉल पर रहे। अपराधियों ने उस वीडियो को रिकॉर्ड कर लिया और अगले दिन उसी वीडियो को वायरल कर देने की धमकी देते हुए विधायक को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
विधायक नीरज दीक्षित इस हनी ट्रैप को भांपते ही सीधा गढ़ीमलहरा पुलिस के पास पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने दोनों नंबरों के साथ एक लिखित शिकायत की। गढ़ीमलहरा थाना प्रभारी रवि उपाध्याय ने बताया कि 22 मई को थाना अज्ञात आरोपी पर आइटी एक्ट की धारा 67, 67 ए और आइपीसी की धारा 385 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
यह गिरोह किसी दूसरे राज्य से ऑपरेट कर रहा है, पकड़ लेंगे
इस संबंध में साइबर फ्रॉड सहित रुपयों की मांग करने के लिए प्रताडि़त करने की धाराओं में मुकदमा कायम किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह अन्य प्रदेश से किसी शातिर गिरोह द्वारा ऑपरेट किए जाने वाले सायबर फ्रॉड का मामला है। पुलिस आरोपियों को तलाश रही है। - सचिन शर्मा, एसपी छतरपुर

