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GWALIOR कर्फ्यू से पहले कोरोना फैलाने निकले लोग, भीड़ को रोकने कोई कर्मचारी तैनात नहीं था - MP NEWS

ग्वालियर। कोरोना कर्फ्यू की घोषणा होने के बाद बुधवार सुबह से ही बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने सुबह दो घंटे में ही 15 दिन का सामान एकत्र कर घरों में रख लिया। बुधवार को बाजारों के हालात ऐसे थे कि मेडिकल की दुकानों से पहले ही किराने का सामान बेचने वाले कारोबारियों ने अपनी दुकानें खोल ली थीं। बाजारों में कारोबारियों ने किराने के सामान के मनमाने दाम वसूले।  यह नोट करने वाली बात यह है कि कर्फ्यू की घोषणा की गई परंतु बाजार में भीड़ को प्रबंधित करने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए।

दाल बाजार के व्यापारी ने बताया कि लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद ही दाल बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जो ग्राहक महीने में दो बोरी आटा ले जाता था वह चार बोरी आटा लेकर गया। लॉकडाउन की घोषणा होते ही शहर में किराने के सामान की किल्लत हो गई। दाल बाजार में दो दिन से रिफाइंड तेल, सरसों के तेल और अरहर की दाल की कमी बनी हुई है। दाल बाजार में अरहर की दाल महाराष्ट्र के अकोला से आती है। अकोला से दाल नहीं आने के कारण कई दुकानों पर बुधवार को लोगों को दाल मिली ही नहीं। 

महाराष्ट्र से आने वाली शक्कर भी दाल बाजार नहीं आ सकी। सामान की आपूर्ति नहीं होने के कारण कारोबारियों ने सामान के दाम बढ़ा दिए हैं। बाजारों में दुकानों की स्थिति यह थी कि यहां पर पैर रखने तक की जगह तक नहीं थी। शहर के मुख्य बाजारों में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। 150 रुपए पहुंचा सरसों का तेल: शहर के बाजारों में रिफाइंड और सरसों के तेल की किल्लत हो गई है। 

ट्रकों से सामान नहीं आने के कारण कारोबारी सामान के मनमाने दाम वसूलने लगे हैं। सामान की कमी के कारण 125 रुपए किलो बिकने वाली तुअर दाल रविवार को 150 रुपए तक पहुंच गई। वहीं सरसों का तेल 150 रुपए लीटर तक थोक में बिका। महाराष्ट्र से 40 फीसदी शक्कर की आवक फिलहाल हो रही है। इस समय कारोबारी यूपी से शक्कर मंगा रहे हैं। महाराष्ट्र से दाल नहीं आने के कारण शक्कर के दाम थोक में 1 से 2 रुपए तक बढ़ गए हैं।

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