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MGM मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर डॉ घनघोरिया और जूडा के बीच तनातनी

राजेन्द्र चौहान बाघ / इंदौर। MGM मेडिकल कालेज के जूडा (जूनियर डॉक्टर्स एसोसियेसन) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी किया जिसमें अकादमी के एक वरिष्ठ प्रोफेसर द्वारा जूनियर डॉक्टर्स को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। जूडा ने आरोप लगाया है कि जहां एक ओर पूरा देश और इंदौर का MY हॉस्पिटल कोरोना महामारी से लड़ने में जी तोड़ मेहनत कर रहा है वहीं दूसरी ओर कॉलेज के एक प्रोफेसर द्वारा जूनियर डॉक्टर्स का करियर बर्बाद करने की धमकियां दी जा रही। 15 दिनों की फर्जी अनुपस्थिति लगाई और अनिश्चितकाल तक 24 घंटे काम करने का आदेश भी थमाया।

मामला तब प्रारंभ हुआ जब जूडा (जूनियर डॉक्टर्स एसोसियेसन) के जूनियर डॉक्टर्स की कोरोना सेंपल के जांच रिपोर्ट ना आने के कारण उठा। कोरोना जांच लेब इंचार्ज डॉ शिखा घनघोरिया जूनियर डॉक्टर्स पर भड़क गए। और जूनियर दो डॉक्टर्स को माफी मांगने के लिए दबाव बनाया। डॉ शिखा घनघोरिया का आरोप था कि जूडा मीडिया में झूठी खबरे छपवाता है।

इस मामले को लेकर सर्जरी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवम् प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ अरविंद घनघोरिया जो कि डॉ शिखा घनघोरिया के पति है, उन्होंने दोनो डॉक्टर्स डॉ शशांक बघेल और डॉ पवन को जो कि सर्जरी विभाग में ही जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर है, सर्जरी विभाग में काम नहीं करने देने, यहां तक कि उनके भविष्य को तबाह, उन्हें ब्लास्ट करने तक की धमकी दे दी। हर संभव तरीके से उन्हें डराया गया। उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया।

जिसके बाद दोनों डॉक्टर्स शशांक और पवन प्रोफसर घंगोरिया से बात करने एवम् अपनी तरफ से किसी भी गलती के लिए माफी मांगने उनके निजी निवास पर पहुंचे जहां उन्होंने दोनों डॉक्टर्स का पक्ष नहीं सुनते हुए मिलने से मना कर दिया और प्रोफेसर ने पूर्ण भविष्य बर्बाद करने को लेकर डराया और अगले दिन विभाग में प्रस्तुत होने के लिए आदेशित किया। अगले जिन जब दोनों डॉक्टर्स विभाग पहुंचे तो प्रोफसर ने उनकी किसी भी बात को ना सुनते हुए उन्हें अपशब्द कहे और 15 दिन की उनकी फर्जी अनुपस्थिति लगाने के साथ ही अनिश्चितकाल दिनों तक प्रतितिन 24 घंटे काम करने का लिखित आदेश भी जारी कर दिया। 

इस मामले को दोनों डॉक्टर्स ने मौखिक रुक से अधिष्ठाता महोदय को अवगत कराया जिसके बाद डॉ घनघोरिया ने दोनों डॉक्टर्स को अधिष्ठाता महोदय से अपना पक्ष रखने के कारण पूर्ण डराया और डीन ऑफिस ना जाने की चेतावनी भी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जूडा ने इसकी शिकायत PMO, MCI और मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर में भी की है। शिकायत इंदौर कमिश्नर, अधिष्ठाता, अस्पताल अधीक्षक से की गई और इसी सोच और कृत्यों की विरूद्ध इस प्रतिष्ठित संस्थान से डॉ अरविंद घनघोरिया का कम से कम तीन वर्षों लिए स्थानांतरण की मांग की है।

लेकिन डॉ घनघोरिया का कहना है कि सर्जरी में HOD का पद खाली होने वाले है जो कि वरिष्ठ होने के कारण उन्हें मिलेगा। इसलिए जुड़ा उनकी रिपोटेशन गिराने के लिए मीडिया में गलत स्टेटमेंट जारी कर रहा है।

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