भोपाल समाचार, 26 फरवरी 2026 : दुनिया भर में शिक्षकों को पढ़ाना जरूरी होता है लेकिन मध्य प्रदेश में स्कूल परिसर से आवारा कुत्तों को भगाना जरूरी है। यदि रिजल्ट खराब हो जाए तो नोटिस मिलता है लेकिन यदि कुत्ते नहीं भगाए तो डायरेक्ट दंडात्मक कार्रवाई हो जाती है। बड़वानी में प्रभारी प्राचार्य सहित तीन शिक्षकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
Viral Video Shows Dogs Licking Leftover Food Plates
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया था। वीडियो लगभग 1 महीने पुराना है। राजपुर विकासखंड के ग्राम रुई स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में 26 जनवरी को मध्यान्ह भोजन के बाद थालियां दो दिनों तक नहीं धोई गईं। इसी दौरान विद्यालय परिसर में रखी इन जूठी थालियों को कुत्तों द्वारा चाटे जाने का वीडियो सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया।
Teachers Face Disciplinary Action for Failing to Drive Away Dogs on School Campus
राजपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रफुल्ल पुरोहित ने बताया कि मामले की जांच विकासखंड शिक्षा अधिकारी और विकासखंड स्रोत समन्वयक द्वारा की गई। जांच रिपोर्ट सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास को सौंपी गई।जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर शासकीय प्राथमिक विद्यालय रुई के प्रभारी प्राचार्य मदनलाल मुजाल्दे, सहायक शिक्षक भारत सिंह कन्नौजे और ठान सिंह नरगावे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जब शिक्षकों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है। सभी का 5-5 दिन का वेतन काट लिया गया है।
शिक्षकों का कहना है कि उनका काम अध्यापन है, अध्यापन का मूल्यांकन करके यदि कोई कार्रवाई होती है तो उनका हर सजा मंजूर है लेकिन जिस काम के लिए उनकी नियुक्ति ही नहीं हुई है, वह जिम्मेदारी दे दी जाए और उसके लिए दंडित किया जाए। यह कौन सा न्याय है।

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