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IAS लोकेश जांगिड़ झुकने को तैयार नहीं, व्हाट्सएप स्टेटस सुर्खियों में - MP NEWS

IAS LOKESH JANGID NEWS

भोपाल। 2014 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के युवा अधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने चक्रव्यूह में घुसने का फैसला कर लिया है। पिछले उदाहरणों से घबराए बिना लोकेश कुमार ने शायद जूझने का फैसला किया है। उन्होंने अपना व्हाट्सएप स्टेटस चेंज कर दिया जो तत्काल सुर्खियों में आ गया है। लोकेश कुमार ने लिखा है कि 'ईमानदारी तेरा किरदार है तो खुदकुशी कर ले, सियासी दौर को तो जी हुजूरी की जरूरत है!'

‘तू इधर उधर की न बात कर, यह बता कि काफिला क्यों लूटा, मुझे रहजनों से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है...।’

उल्लेखनीय है कि लोकेश कुमार जांगिड़ ने अपने गृह राज्य महाराष्ट्र जाने के लिए प्रतिनियुक्ति आवेदन दिया था परंतु सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें अनुशासन हीन बताते हुए नोटिस थमा दिया। 2016 से लेकर अब तक लोकेश कुमार ने 8 ट्रांसफर सहन किए लेकिन चुपचाप नहीं रहे। इस बार भी उनके तेवर पहले जैसे ही हैं। उन्होंने एक शायरी शेयर की है:-
‘तू इधर उधर की न बात कर, यह बता कि काफिला क्यों लूटा, 
मुझे रहजनों से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है...।’
बताने की जरूरत नहीं कि उन्होंने मध्यप्रदेश के रहबर पर सवाल उठाया है। 

PS से बातचीत की चैट वायरल करने पर नोटिस

बता दें सरकार ने IAS लोकेश जांगिड़ को सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी से बातचीत वायरल करने पर नोटिस भेजा गया है। इसमें पूछा गया है कि सीनियर अधिकारी से बातचीत को वायरल करने पर उनके खिलाफ क्यों न कार्रवाई की जाए। सीनियर अधिकारी की बातचीत को टेप कर वायरल करना अनुशासनहीनता में आता है।

भाजपा सांसद ने लोकेश जांगिड़ के काम की तारीफ की

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह साेलंकी भी लोकेश जांगिड़ का समर्थन किया है। सांसद ने जांगिड़ की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हाेंने बड़वानी में अच्छा काम किया है। हालांकि उनसे तबादले पर सवाल किया गया तो बोले कि यह सरकार का काम है। उल्लेखनीय है कि लोकेश जांगिड़ बड़वानी में मात्र 40 दिन पदस्थ रहे। उनका कहना है कि बड़वानी कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने उनका ट्रांसफर करवा दिया।

यह है टंटे की जड़:-  कलेक्टर की पत्नी सचिव हैं, मुख्यमंत्री की पत्नी अध्यक्ष

लोकेश कुमार जांगिड़ केवल कलेक्टर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हैं तो कोई बात नहीं थी परंतु उन्होंने जातिवाद की राजनीति को हवा दे दी। बड़वानी से तबादले के बाद लोकेश जांगिड़ ने बड़वानी कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए IAS एसोसिएशन के सोशल मीडिया ग्रुप में लिखा कि कलेक्टर पैसा नहीं खा पा रहे हैं इसलिए वर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कान भर दिए। वे एक ही किरार समुदाय से हैं और कलेक्टर की पत्नी "किरार महासभा" की सचिव हैं, मुख्यमंत्री की पत्नी अध्यक्ष हैं।

IAS LOKESH JANGID का धमाका जिसकी गूंज लगातार सुनाई दे रही है 

आईएएस एसोसिएशन के ग्रुप में लोकेश जांगिड़ ने कुछ ऐसा लिख दिया कि बवाल मच गया। बाद में यह चैट ग्रुप से डिलीट कर दी गई थी, लेकिन इसके स्क्रीन शॉट कुछ अफसरों के पास हैं। सूत्रों ने बताया कि ग्रुप में लोकेशन क्या लिखा और एसोसिएशन की क्या प्रतिक्रिया थी।

लोकेश जांगिड़ : कलेक्टर पैसा नहीं खा पा रहे हैं इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कान भर दिए। वे एक ही किरार समुदाय से हैं और कलेक्टर की पत्नी "किरार महासभा" की सचिव हैं, मुख्यमंत्री की पत्नी अध्यक्ष हैं।

ICP केसरी : लोकेश यह डर का होना या नहीं होने की बात नहीं है। आपने न केवल अपने सहकर्मी पर बल्कि परिवार पर भी आरोप लगाते हुए बुनियादी शालीनता खो दी है। कृपया अपनी सभी पोस्ट जल्द ही हटा दें। यही मेरी सही सलाह है और भविष्य में ऐसी चीजों से दूर रहें।

लोकेश जांगिड : नहीं मिटाऊंगा। आप मुझे ग्रुप से हटा सकते हैं। मुझे पता है कि आप एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं और मुझे हटाने की सभी शक्तियां हैं। गुड लक!

IPC केसरी : लोकेश आप किस सहकर्मी के बारे में बात कर रहे हैं।

IAS लोकेश जांगिड़ के कितने तबादले हुए

नवंबर 2016 से मई 2021 तक कुल 4 साल 6 माह की सर्विस में लोकेश जांगिड़ का 7 बार तबादला हुआ था। उन्हें श्योपुर जिले के विजयपुर SDM, SDM शहडोल, अंडर सेक्रेटरी राजस्व, डिप्टी सेक्रेटरी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, CEO जिला पंचायत, CEO हरदा, एडिशनल कलेक्टर गुना, अपर मिशन संचालक राज्य शिक्षा केंद्र और एडिशनल कलेक्टर बड़वानी बनाया गया। इसके बाद अब 42 दिन में ही यहां से जांगिड़ का 8वीं बार तबादला फिर राज्य शिक्षा केंद्र में कर दिया गया।

बड़वानी कलेक्टर पर भ्रष्टाचार का आरोप

बताया जा रहा है कि बड़वानी में कोरोना महामारी में उपकरणों की खरीदी में भारी हेरफेर हुआ था। 39 हजार के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 60 हजार रुपए में खरीदे गए। इसके साथ ही अन्य उपकरणों की खरीदी में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ था। लोकेश ने चार्ज लेते ही भ्रष्टाचारियों पर लगाम लगा दी थी। लोकेश की कार्यप्रणाली स्थानीय अधिकारियों को रास नहीं आई। उन्हें रातोरात हटवा दिया गया।

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