Loading...    
   


रिटायरमेंट के बाद महिला कर्मचारी की पेंशन से वसूली पर हाईकोर्ट की रोक - EMPLOYEE NEWS

जबलपुर।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रिटायरमेंट के बाद सरकारी कर्मचारी के वेतन का पुननिर्धारण एवं पेंशन से वसूली की प्रक्रिया पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने ना केवल महिला कर्मचारी की याचिका को स्वीकार किया बल्कि शासन से जवाब तलब भी किया है। महिला कर्मचारी के एडवोकेट अमित चतुर्वेदी का कहना है कि इस मामले में शासन की कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार विधि विरुद्ध है।

जिला अस्पताल, खंडवा से दिनांक 31/07/19 को रिटायर स्टाफ नर्स श्रीमती कृष्णा मेहरा के विरुद्ध विभाग द्वारा रिटायरमेंट के बाद, उनके वेतन को वर्ष 1996 से  पुनर्निर्धारित करते हुए, मूल वेतन को कम कर दिया गया। कर्मचारी के संज्ञान में कभी भी, वेतन निर्धारण में कोई त्रुटि नही थी। मूल वेतन में कमी ने वेतन एवं पेंशन दोनों कम कर दिया था। 

इसके अतिरिक्त, वेतन फिक्सेशन के परिणामस्वरूप, कर्मचारी के विरुद्ध सेवानिवृत्ति के बाद रूपये 6,40,361 वसूली निकाली गई है। जिसमें मूलधन की राशि, रुपये2,76,075 / है एवं उक्त राशि पर 12% ब्याज राशि रुपये  3,64,286/ अधिरोपित की गईं है।  सेवानिवृत्ति के बाद, कर्मचारी के विरुद्ध ऐसी विपरीत कार्यवाही होने के कारण, उच्च न्यायालय, जबलपुर के समक्ष कार्यवाही को चुनौती दी गई थी। 

कर्मचारी के वकील श्री अमित चतुर्वेदी, उच्च न्यायालय, जबलपुर ने बताया पुराने वेतन निर्धारण में सेवानिवृत्ति के पश्चात, परिवर्तन कर मूल वेतन कम करना उच्चतम न्यायालय के अनुसार विधि विरुद्ध है। चूँकि, कर्मचारी हमेशा ही ऐसी कथित गलतियों से अनभिज्ञ होता गया। अतः कर्मचारी का पक्ष सुना जाना जरूरी होता है। परंतु, सरकारी विभागों में इस प्रक्रिया का पालन नही होता है। जो कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध है।  इसके अलावा मूल वेतन एवं पेंशन में पारिणामिक कटौती और गंभीर विषय है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, ऐसी वसूली अनुचित है। कोर्ट द्वारा उन परिस्थितियों को बताया गया है, जब वसूली विधि के खिलाफ होती है।

माननीय उच्च के समक्ष इस प्रकरण में दिनांक 14/09/2020 को वर्चुअल सुनवाई के दौरान, शासकीय पैनल अधिवक्ता द्वारा राज्य शासन की ओर से कोर्ट के नोटिस को स्वीकार कर जबाब का समय लिया गया है। स्टे पर सुनवाई करते हुए, कोर्ट द्वारा कर्मचारी से किसी भी प्रकार की वसूली पर रोक लगा दी गई है।

19 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार



भोपाल समाचार: टेलीग्राम पर सब्सक्राइब करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here
भोपाल समाचार: मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here