EPFO- लॉकडाउन के कारण नौकरियों पर असर नहीं पड़ा

Bhopal Samachar
0
नई दिल्ली।
Employees' Provident Fund Organisation (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 और वित्तीय वर्ष 2019-20 के आंकड़ों में कोई खास अंतर नहीं है। कोरोनावायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन के दौरान कुछ रोजगार कम हुए थे परंतु बाद में वह सभी यथावत हो गए। वर्ष के अंतिम माह मार्च 2021 में 11.22 लाख नवीन खाते जोड़े गए, यानी नए लोगों को नौकरियां मिली है।

कोविड-19 महामारी का असर केवल पहली तिमाही पर था

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए पेरोल के त्रैमासिक आकलन से संकेत मिलता है कि कोविड-19 महामारी के संकट के कारण पहली तिमाही में असर पड़ा था, इसके बाद दूसरी तिमाही से नए जुड़ने वाले खातों की संख्या में लगातार सुधार हुआ है। तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर, 2020) की तुलना में, चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च, 2021) में 37.44% की बढ़ोतरी के साथ 33.64 लाख नए खाते जुड़े, जो अधिकतम सुधार था।

मार्च 2021 में 7.16 लाख बेरोजगारों को पहली नौकरी मिली

मार्च 2021 के महीने में जुड़े 11.22 लाख नए खातों में लगभग 7.16 लाख नए सदस्य पहली बार ईपीएफओ के सामाजिक सुरक्षा दायरे में आए हैं। लगभग 4.06 लाख पुराने खाते ईपीएफओ से अलग हुए और ईपीएफओ के दायरे में आने वाले दूसरे प्रतिष्ठानों में अपनी नौकरी बदलने के बाद ईपीएफओ से दोबारा जुड़ गए। उन्होंने अंतिम रूप से पैसे निकालने की जगह पर फंड ट्रांसफर के जरिए अपनी सदस्यता को बनाए रखने का विकल्प चुना।

ईपीएफओ से अलग होने वाले खातों का आंकड़ा व्यक्तियों/प्रतिष्ठानों की ओर से पेश निकासी के दावों और नियोक्ताओं की ओर से अपलोड एक्जिट डेटा पर आधारित हैं, जबकि नए खातों की संख्या सिस्टम में बने नए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) पर आधारित है और जिससे नॉन-जीरो यानी सक्रिय खातों की जानकारी मिलती है।

पेरोल के आंकड़ों का आयु वर्ग आधारित विश्लेषण से पता चलता है कि मार्च, 2021 महीने में सबसे ज्यादा 22-25 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 3.14 लाख नए खाते जुड़े हैं। इसके बाद 18-21 आयु वर्ग है, जिससे लगभग 2.29 लाख नए खाते जुड़े हैं। मार्च 2021 में जुड़े अतिरिक्त खातों में 18-25 आयु वर्ग के सदस्यों का लगभग 48.44% योगदान रहा है। इन आयु वर्ग के सदस्यों को बाजार में नया कामकाजी हाथ माना जाता है और यह किसी व्यक्ति की आय क्षमता के मामले में एक महत्वपूर्ण चरण का प्रतीक होता है।

वित्त वर्ष 21 का जेंडर आधारित आकलन अक्टूबर, 2020 से लेकर वित्त वर्ष के खत्म होने तक महिला खाता धारकों के अनुपात में बढ़ोतरी दर्शाता है। मार्च, 2021 के महीने में, लगभग 2.42 लाख महिला खाते जुड़े हैं, जो कुल जुड़े नए खातों का 21.56 फीसदी है।

फरवरी, 2021 में जुड़े अतिरिक्त खातों की तुलना में मार्च, 2021 में खातों में बढ़ोतरी के संदर्भ में, प्रमुख उद्योगों में लौह अयस्क खदानों, कूरियर सेवाओं, रेस्तरां, सड़क मोटर परिवहन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस शोधन, लोहा और इस्पात उद्योग और कंप्यूटर निर्माण, विपणन व उपयोग से जुड़े प्रतिष्ठानों में सकारात्मक वृद्धि देखी गई है।

पेरोल के आंकड़े अनंतिम है, क्योंकि आंकड़ों को तैयार करना एक निरंतर गतिविधि है, क्योंकि कर्मचारी के रिकॉर्ड लगातार बदलते रहते हैं। इसीलिए पिछला आंकड़ा हर महीने अपडेट हो जाता है। ईपीएफओ अप्रैल, 2018 से सितंबर 2017 तक के समय को समेटते हुए पेरोल के आंकड़ों को जारी कर रहा है। पेरोल के प्रकाशित आंकड़ों में वे सदस्य शामिल होते हैं, जो किसी एक महीने के दौरान जुड़ते हैं और जिनसे अंशदान मिल चुका है।

22 मई को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
Facebook पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

Post a Comment

0 Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!