Loading...    
   


प्लास्टिक का बाजार खत्म होने वाला है, 7 साल में 75% डिमांड कम होगी / BUSINESS NEWS

नई दिल्ली। प्लास्टिक प्रोडक्ट्स की मांग आने वाले 10 सालों में काफी तेजी से नीचे गिरती दिखाई देगी। इसके कारण पेट्रोकेमिकल और तेल उद्योग में निवेशित $400 बिलियन का भविष्य खतरे में दिखाई दे रहा है। यह जानकारी SYSTEMIQ और कार्बन ट्रैकर द्वारा, “द फ्यूचर इज़ नॉट इन प्लास्टिक” नामक रिपोर्ट से प्राप्त हुई है। प्लास्टिक की मांग में गिरावट होने से तेल में निवेशित $400 बिलियन का भविष्य खतरे में दिखाई दे रहा है। 

दुनिया में लोग पेट्रोलियम पदार्थों के विकल्प पर फोकस कर रहे हैं

“द फ्यूचर इज़ नॉट इन प्लास्टिक” नामक रिपोर्ट में बताया है कि प्लास्टिक के उपयोग को घटाने के लिए वैश्विक स्तर पर अनुकूल माहौल होने के चलते साल 2027 तक प्लास्टिक की मांग की वृद्धि दर 4% प्रति वर्ष से घटकर 1% प्रति वर्ष से भी कम हो सकती है। इस गिरावट के चलते तेल की माँग में ज़बरदस्त गिरावट संभावित है क्योंकि तब तेल के उत्पादन से सस्ता होगा वैकल्पिक ऊर्जा का रुख करना। 

प्लास्टिक की डिमांड कम होने से तेल के दाम बढ़ेंगे

तेल कम्पनियां हालाँकि इस उम्मीद में हैं कि प्लास्टिक की डिमांड बढ़ेगी, लेकिन इस ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ ऐसा कुछ नहीं होगा। दरअसल, प्लास्टिक का उत्पादन तेल के उत्पादन पर निर्भर करता है। मतलब प्लास्टिक की माँग बढ़ेगी तो तेल का उत्पादन भी उसी क्रम में बढेगा लेकिन कार्बन ट्रैकर और SYSTEMIQ  की इस ताज़ा रिपोर्ट से पता चलता है कि असल में $400 बिलियन के पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के निवेश असल में जोखिम में है। प्लास्टिक की घटती माँग तेल के उत्पादन को महंगा कर देगा। 

कार्बन ट्रैकर के एनर्जी स्ट्रैटेजिस्ट और रिपोर्ट लीड लेखक किंग्समिल बॉन्ड, ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “तेल उद्योग प्लास्टिक की शक्ल में जिस खम्बे पर टिका है, उस सहारे को ही हटा दीजिये और फिर देखिये कैसे ढहता है तेल का साम्राज्य।”

पेट्रोकेमिकल उद्योग पहले से ही बड़े पैमाने पर ओवरकैपेसिटी के परिणाम के रूप में प्लास्टिक फीडस्टॉक रिकॉर्ड स्तर की कम कीमतों का सामना कर रहा है। लेकिन इस सब के बावजूद यह इंडस्ट्री प्लास्टिक की सप्लाई को 25 प्रतिशत से बढ़ाने की सोच रही है और इस सब में $400 बिलियन दांव पर लगे हैं। 

प्लास्टिक उद्योग इस वक़्त विघटन के लिए एकदम तैयार है। ख़ास तौर से इसलिए क्योंकि प्लास्टिक का उत्पादन कई मायनो में नुकसानदेह है। प्लास्टिक उत्पादन से जुड़े कार्बन डाइऑक्साइड और तमाम हानिकारक गैसों से उत्सर्जन और उनसे जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी लागत और बायो डीग्रेडेबिल नहीं होने की वजह से इसके संग्रह की लागत और विघटित नही होने की वजह से यह समुद्र में इसका कूड़ा जमा होने की वजह से उसके प्रदूषण के प्रभाव। इन सब को मिलकर प्लास्टिक उत्पादन की कीमत हर साल हम सब पर कम से कम $ 1,000 प्रति टन या 350 बिलियन डॉलर आंकी गयी है । और इस कीमत का आंकलन होता है जब हम को सोचते हैं।

लेकिन इस भारी कीमत के बावजूद प्लास्टिक इंडस्ट्री जितना टैक्स नहीं देती उससे ज़्यादा सब्सिडी का लाभ उठा लेता है। और यही नहीं, फिलहाल प्लास्टिक के उपयोग के तरीकों पर भी कोई ख़ास बाधाएं नहीं है। यहाँ यह नहीं भूलना चाहिए की कुल उत्पादित प्लास्टिक में 36 प्रतिशत प्लास्टिक का उपयोग केवल एक बार किया जाता है, 40 प्रतिशत पर्यावरण को प्रदूषित करती है और केवल 5 प्रतिशत ही रीसायकिल होती है।

SYSTEMIQ का मानना है कि इस दिशा में समाधान के रूप में प्रौद्योगिकी पहले से ही उपलब्ध हैं। ऐसी प्रौद्योगिकी जो कि सामान्य से कम लागत पर प्लास्टिक के उपयोग में भारी कमी लाने में सक्षम हैं। समाधान की शक्ल में प्लास्टिक का पुन: उपयोग और बेहतर डिजाइन जैसे विकल्प शामिल है।

अपनी बात रखते हुए SYSTEMIQ के प्लास्टिक प्लेटफ़ॉर्म के लीडर और इस रिपोर्ट के सह-लेखक, योनि शिरन, ने कहा, "वर्तमान प्रणाली से परिवर्तन में भारी लाभ हैं। आप अपनी लागत आधी कर प्लास्टिक जैसे विकल्पों पर निर्भर हो कर 700,000 अतिरिक्त नौकरियां और 80 प्रतिशत कम प्रदूषण के बीच रह सकते हैं।" यूरोप और चीन में नीति निर्माता पहले से ही प्लास्टिक कचरे पर लगाम लगाने के लिए कदम उठा रहे हैं।

मसलन यूरोपीय संघ ने जुलाई 2020 में रीसायकल न हुए प्लास्टिक वेस्ट पर €800/टन के कर का प्रस्ताव किया, और चीन में भी कुछ ऐसे ही हाल हैं। भारत भी ऐसा ही कुछ करने की प्रक्रिया में है। चीन में 2018 में पहला बड़ा कदम उठा जब देश ने प्लास्टिक कचरे के आयात और प्रसंस्करण के लिए बड़े पैमाने पर अपने उद्योग - दुनिया का सबसे बड़ा - को बंद कर दिया, और निर्यातकों को घर पर कचरे के मुद्दे को हल करने के लिए मजबूर कर दिया।

यह ताज़ा रिपोर्ट विकसित बाजारों में प्लास्टिक की माँग में ठहराव की बात करती है। प्लास्टिक की मांग में उसी समय स्थिरता आ रही है जब से नए बाजार प्लास्टिक के विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। प्लास्टिक मूल्य श्रृंखला के हर चरण में कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन होता है - जिसमें जलाना, दफ़नाना या पुनर्नवीनीकरण शामिल हैं, न केवल तेल का निष्कर्षण और विनिर्माण। इसलिए विश्लेषण में पाया गया है कि एक टन तेल के उत्पादन में जितनी कार्बन डाईऑक्साइड निकलती है उससे लगभग 2 गुना ज्यादा CO2 प्लास्टिक उत्पादन और उपभोग में होती है।

अंततः किंग्समिल बॉन्ड कहते हैं, "प्लास्टिक उद्योग के लिए यह भ्रम है कि वह अपने कार्बन उत्सर्जन को दोगुना कर सकता है, वो भी तब, जब बाकी दुनिया उस उत्सर्जन को शून्य करने के लिए एकजुट हो रहा है।"

05 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

यदि रेल की पटरी में करंट का तार लगा दें तो क्या होगा
BF ने GF से कैंसर पीड़ित पिता के लिए खून बदले आबरू ले ली
यदि ब्रांच मैनेजर BANK ACCOUNT CLOSE करने से मना कर दे तो क्या करें
फिक्स डिपॉजिट पर 8% ब्याज देने वाले चार बैंक
JABALPUR में डॉक्टर के फ्लैट से बाल मजदूर ने आत्महत्या के लिए कूदने की कोशिश की
IGNOU EXAM: फाइनल ईयर/ सेमेस्टर के लिए नोटिफिकेशन
चीटियां क्या सचमुच अनुशासन में चलतीं है या फिर एक दूसरे के पीछे चलना उनकी मजबूरी है 
JABALPUR- INDORE से 4 प्रमुख ट्रेनों शुरू करने की मंजूरी मिली
कमलनाथ का कबीला ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी बड़ा धमाका करने की तैयारी में
SHALBY HOSPITAL ने आधी रात में भर्ती अधिकारी को बाहर निकाला, मौत
MP में बसों का 5 महीने का व्हीकल टैक्स माफ किया जाएगा: शिवराज सिंह
MADHYA PRADESH में नई शिक्षा नीति के तहत नया शिक्षा सत्र कब से शुरू होगा, क्या खास होगा
MP CORONA: 70000 के पार, 30 मौतों के साथ 4 शहरों में हाहाकार, एक पीड़ित ने आत्महत्या कर ली
भोपाल में मुख्य मार्ग 15 दिन के लिए बंद, डायवर्ट किए रूट
BHOPAL में पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा को सरकारी बंगले से खदेड़ा, स्टोर रूम आवंटित
मध्य प्रदेश विधान सभा उप चुनाव कब होंगे, चुनाव आयोग ने बताया
TIKAMGARH में स्टेट बैंक मैनेजर रिश्वत लेते गिरफ्तार
BHOPAL: प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार को पुलिस ने पीटा, लड़कियों सहित कई गिरफ्तार
CGPSC MAINS EXAM DATE घोषित
BHOPAL का VIP इलाका चार इमली सील, आने-जाने पर प्रतिबंध
MADHYA PRADESH में पहली बार कोरोना से मौत के बाद शव यात्रा
JYOTIRADITYA SCINDIA का विरोध करने टीकमगढ़ से ग्वालियर आए लड़के गिरफ्तार
Oral और aural में क्या अंतर है
नाबालिग बच्चों को किडनैप करके भीख मंगवाना कितना गंभीर अपराध है
Netflix पर free movies और TV show वह भी बिना अकाउंट बनाए कैसे देखें
मुंह की बदबू यह साबित नहीं करती कि व्यक्ति ने शराब पी है: NCDRC


भोपाल समाचार: टेलीग्राम पर सब्सक्राइब करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here
भोपाल समाचार: मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here