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ग्वालियर संभाग के जंगलों में बैंकिंग फ्रॉड गिरोह के 25 कॉल सेंटर / GWALIOR NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य साइबर पुलिस को इनपुट मिला है कि ग्वालियर संभाग के जंगलों में बैंकिंग फ्रॉड करने वाले गिरोह का कॉल सेंटर बना हुआ है। संभाग के 3 जिले श्योपुर, शिवपुरी और ग्वालियर पॉइंट किए गए हैं। लोगों को मोबाइल फोन पर कॉल करके उनके बैंक खातों से धन चुराने वाले इन्हीं तीन जिलों में मूव कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के यह तीन ऐसे जिले हैं जहां के लोग इस तरह के अपराध (साइबर क्राइम) सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।

शिवपुरी व डबरा के ग्रामीण क्षेत्रों में 25 रैकेट एक्टिव

ये खुलासा दो महीने पहले श्योपुर से पकड़े गए छह सदस्यीय गिरोह ने किया था। गिरोह के सरगना ने छह साल पहले हरियाणा में इस जालसाजी की ट्रेनिंग ली थी। फिर उसने खुद ट्रेनर बनकर 25 गिरोह तैयार कर दिए। यही गिरोह शिवपुरी व ग्वालियर के डबरा क्षेत्र से ऑपरेट कर रहे हैं। एएसपी भोपाल सायबर क्राइम संदेश जैन के मुताबिक 26 अगस्त को पकड़े गए गिरोह के सदस्यों से भी पूछताछ में अहम सुराग हाथ लगे हैं। ये सभी गैंग जामताड़ा, दुमका और देवघर से की जाती है।

बैंकिंग फ्रॉड रैकेट के लोग किन-किन राज्यों के नागरिकों को शिकार बनाते हैं

ये जालसाज हिंदी भाषी प्रदेशों के लोगों को ही ज्यादा निशाना बनाते हैं। इनमें उप्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मप्र, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, कोलकाता शामिल हैं। आरोपी व्यक्ति के एटीएम से जुड़ी जानकारियां हासिल कर लेते हैं। 

गिरोह के लोग बैंक अकाउंट को कैसे हैक करते हैं 

यह लोग बैंक अधिकारी बनकर या फिर लॉटरी अथवा अन्य किसी भी प्रकार का लालच देकर आम आदमी को अपने जाल में फंसाते हैं। फिर बातों-बातों में उसके बैंक अकाउंट की प्राथमिक जानकारी हासिल कर लेते हैं और OTP पूछकर बैंक अकाउंट से जमा धन की निकासी कर लेते हैं। कई बार विश्वास दिलाने के लिए सबसे पहले अपनी तरफ से कुछ रुपए शिकार के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करते हैं ताकि वह आसानी से लालच में आ जाए और लापरवाह हो जाए। 

जंगल में कॉल सेंटर क्यों बनाया 

साइबर सेल की मदद से पुलिस अपराधियों की लोकेशन आसानी से पता कर लेती है। शहरी इलाकों में पुलिस टीम तत्काल रेड करती है परंतु जैसे ही उन्हें पता चलता है कि लोकेशन घने जंगल में है, पुलिस एक्शन लेने में टाइम लगा देती है और तब तक कॉल सेंटर की लोकेशन आसानी से बदल दी जाती है। दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि जंगल में ऊंचाई पर बने हुए कॉल सेंटर से हाथी हुई पुलिस टीम की लोकेशन आसानी से दिखाई दे जाती है।

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