भोपाल समाचार, 19 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विभागीय परीक्षा के माध्यम से अतिथि शिक्षकों को नियमित किए जाने की घोषणा की थी। यह चुनावी घोषणा नहीं थी और किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं थी बल्कि सरकार की जिम्मेदारी थी। लेकिन सरकार पलट गई और अब जबकि विधानसभा में सरकार से सवाल किया जाता है तो आप खुद पढ़िए स्कूल शिक्षा मंत्री किस तरह का जवाब देते हैं:-
विधायक श्रीमती सेना महेश पटेल ने प्रश्न किया
(क) वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में कुल कितने अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, साथ ही यह संख्या वर्षवार कितनी रही है, वर्तमान स्थिति क्या है? जिलेवार जानकारी प्रदान करें।
(ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार वर्तमान में प्रदेश के किन जिलों में अतिथि शिक्षकों की सबसे अधिक आवश्यकता है तथा अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया के लिए सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं और इसे पूर्ण करने के लिए क्या योजना है?
(ग) अतिथि शिक्षकों को वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाएँ किस प्रकार प्रदान की जा रही हैं? यदि इनका नियमितीकरण नहीं हुआ है, तो इसके न होने का क्या कारण है और इन्हें कब तक नियमित किया जाएगा अथवा नहीं किया जाएगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह का उत्तर
(क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है।
(ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। अतिथि शिक्षकों को सीधे नियमितीकरण का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम 2018 में संशोधित नियम दिनांक 27.12.2024 अनुसार शैक्षणिक संवर्ग अंतर्गत सीधी भर्ती के शिक्षकों के विज्ञापित पदों की 50 प्रतिशत रिक्तियां म.प्र. शासन द्वारा संचालित शासकीय विद्यालयों में ऐसे अतिथि शिक्षक जिनके द्वारा न्यूनतम तीन शैक्षणिक सत्रों में 200 दिवस (प्रति सत्र न्यूनतम 30 दिवस) के रूप में कार्य किया हो, के लिये आरक्षित है। पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने तदुपरांत चयन परीक्षा से मेरिट क्रम में नियुक्ति का प्रावधान है।
(ग) अतिथि शिक्षकों को मानदेय मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, वल्लम भवन, भोपाल के आदेश क्र./2032/1226/2022/20-2 दिनांक 29.09.2023 अनुसार दिया जा रहा है। उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

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