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CrPC की धारा 83 के तहत कुर्क संपत्ति में दावे-आपत्ति कौन लगा सकता है

हमने आपको दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 83 की परिभाषा बताई थी जिसमे बताया गया था कि कोई व्यक्ति धारा 82 की उद्घोषणा के बाद भी फरार रहता है तब उसकी संपत्ति को धारा 83 के अनुसार कुर्क किया जाएगा। अगर ऐसे व्यक्ति फरार व्यक्ति की संपत्ति कुर्क हो जाती है तब कौन व्यक्ति उस कुर्क संपत्ति में दावा आपत्ति लगा सकता हैं। 

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 84 की परिभाषा (सरल एवं स्प्ष्ट शब्दों में):-

कोई व्यक्ति जो फरार हैं जिसे न्यायालय द्वारा पूर्व में उद्घोषित किया जा चुका था एवं उसके बाद उसकी संपत्ति की कुर्की हो गई है तब ऐसा कोई व्यक्ति जो फरार व्यक्ति की संपत्ति में अपना हक रखता है जैसे- पुत्र, पुत्री, पिता, भाई बहन आदि। वह छः माह के भीतर उस कुर्क संपत्ति में दावा या आपत्ति लगा सकता है। 

दावा- आपत्ति कहाँ लगाई जाएगी 

आपत्ति उस जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास लगाई जाएगी जिसके द्वारा कुर्की का आदेश जारी किया गया था, न्यायिक मजिस्ट्रेट चाहे तो आपत्ति को मंजूर भी कर सकता है या नामंजूर भी कर सकता है,या वह आपने अधीनस्थ किसी भी मजिस्ट्रेट को यह मामला भेज सकता है। अगर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आपत्ति या दावे को खारिज कर देता है तो दावाकर्ता ऊपरी न्यायालय में आपने हक के लिए वाद दायर कर सकता है।

महत्वपूर्ण नोट:- अगर दावा-आपत्ति कर्ता की मृत्यु हो जाती है तब ऐसी दशा में यह कार्यवाही उसके विधिक प्रतिनिधि द्वारा चालू रखा जाएगा।  :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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