FACT CHECK - उज्जैन में 500 करोड़ का जमीन घोटाला या जीतू पटवारी का प्रोपेगेंडा

Updesh Awasthee
भोपाल, 26 जून 2026:
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने दिल्ली में इंडियन नेशनल कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री पवन खेड़ा की मौजूदगी में एक नया खुलासा किया था कि उज्जैन में 500 करोड़ की जमीन एक ट्रस्ट को ₹1 में दे दी गई। जब इस आरोप को वेरीफाई किया गया तो पता चला कि यह ट्रस्ट तो सरकारी है, जमीन भी सरकारी है। बस एक डिपार्टमेंट से सरकारी ट्रस्ट में ट्रांसफर की गई है। 

Fact Check: ₹500 Crore Ujjain Land Scam or Jitu Patwari's Political Claim?

श्री जीतू पटवारी ने जिस व्यक्ति को इस घोटाले का मास्टरमाइंड बताया था, मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार, श्रीराम तिवारी ने स्वयं स्पष्ट किया है कि "पहली बात तो यह है कि कोई बिक्री (sale) हुई ही नहीं है।" उन्होंने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि MP CM Mohan Yadav family land controversy में जिस जमीन का जिक्र किया जा रहा है, उसकी कीमत और आकार को लेकर खुद विपक्षी नेता जीतू पटवारी अस्पष्ट हैं। तिवारी के अनुसार, जिस 500 करोड़ या 500 एकड़ जमीन की बात की जा रही है, वह वास्तव में सरकारी संपत्ति है। 

Is Veer Bharat Nyas a private or government body?

Veer Bharat Nyas government ownership की स्थिति को स्पष्ट करते हुए श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह न्यास पूरी तरह से राज्य सरकार के स्वामित्व में है और इसके विभिन्न कार्यों के लिए स्थापित किया गया है। हमने चेक किया, वीर भारत न्यास की वेबसाइट पर लिखा हुआ है कि यह मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग का एक संस्थान है। सरकारी बिल्डिंग, रविंद्र भवन के फर्स्ट फ्लोर पर इसका ऑफिस है। श्री राम तिवारी इसके न्यासी सचिव हैं।

श्रीराम तिवारी ने जानकारी दी कि इसका पंजीकरण (registration) अप्रैल 2013 में हुआ था और यह सरकार की कैबिनेट द्वारा अनुमोदित (approved) है। इस निकाय की संरचना पूरी तरह से सरकारी है, जिसमें दो-तिहाई से अधिक सदस्य सरकार के प्रतिनिधि होते हैं। Chief Minister is the ex-officio chairman of Veer Bharat Nyas, जबकि संस्कृति मंत्री इसके कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं। इसमें निजी क्षेत्र का कोई भी शेयरधारक (private sector shareholder) शामिल नहीं है, जो इसे पूरी तरह से एक सरकारी निकाय (purely government body) बनाता है। 

MP Revenue Department land allocation process for government bodies

ज़मीन के आवंटन और उसकी देखरेख की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए श्रीराम तिवारी ने बताया कि राज्य में Revenue Department is the custodian of state land, यानी राजस्व विभाग ही राज्य की भूमि, संपत्ति और भवनों का मुख्य संरक्षक और निरीक्षण प्राधिकरण है। कैबिनेट की मंजूरी के आधार पर, यही विभाग आवश्यकतानुसार विभिन्न सरकारी विभागों और निकायों को धन और भूमि आवंटित करता है। इस कानूनी प्रक्रिया के तहत ही land allocation to government bodies in Madhya Pradesh की जाती है, जिसमें किसी भी प्रकार के निजी लाभ की कोई गुंजाइश नहीं होती। 

Jitu Patwari vs Mohan Yadav Veer Bharat Nyas row analysis

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर टिप्पणी करते हुए तिवारी ने कहा कि Jitu Patwari should have verified facts before allegations. उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जब (साल 2019 में जब श्री जीतू पटवारी, मुख्यमंत्री के नजदीकी और कैबिनेट मंत्री थे) कांग्रेस सत्ता में थी, तब उनके पास वीर भारत न्यास को बंद करने का पूरा अधिकार और अवसर था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

FACT CHECK: निष्कर्ष

हमने जांच की और पाया कि वीर भारत न्यास, एक सरकारी संस्थान है और इसको आवंटित की गई जमीन भी सरकारी जमीन है। यह जमीन आवंटित की गई है, ओनरशिप ट्रांसफर नहीं की गई है। जहां तक वीर भारत ने आज की स्थापना और व्यवस्था का प्रश्न है तो न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने जो कुछ कहा, उसको उनके आधिकारिक बयान माना जा सकता है परंतु वेबसाइट (https://veerbharatnyas.com/about) पर आज की तारीख में ऐसी कोई जानकारी नहीं है। ना तो न्यास की स्थापना के बारे में बताया गया है, ना ही यह बताया गया है कि किस नियम के तहत इस न्यास की स्थापना की गई। यहां तक की न्यास के अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष का नाम तक नहीं लिखा गया है।

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